मांगों को लेकर दो घंटे की हड़ताल...
रीवा। विंध्य के सबसे बड़े अस्पताल संजय गांधी अस्पताल व गांधी स्मारक चिकित्सालय में सोमवार को उस समय मरीज परेशान हो गए, जब मांगों को लेकर दोनो अस्पताल की नर्स व पैरामेडिकल स्टॉफ हड़ताल पर चला गया। हालांकि हड़ताल महज दो घंटे की रही। इसलिए मरीजों को जल्द ही नर्स व पैरा मेडिकल स्टॉफ दोनो की सेवा मिलने लगी। जिससे मरीजों को बड़ी राहत मिली।
धरना पर बैठ गया पूरा स्टॉफ
पूर्व घोषणा के मुताबिक नर्सिंग व पैरामेडिकल स्टॉफ सुबह आठ बजे अस्पताल तो पहुंचा, लेकिन मरीजों की सेवा में लगने के बजाए धरना पर बैठ गया। नर्सिंग एसोसिएशन के आह्वान पर सातवां वेतनमान देने सहित अन्य दूसरी मांगों को लेकर धरने पर बैठे स्टॉप ने जमकर नारेबाजी की। धरनारत स्टॉफ ने कहा कि अभी उनकी हड़ताल सांकेतिक है। लेकिन जल्द ही मांग पूरी नहीं हुई तो वह अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने को मजबूर होंगे।
प्रशिक्षणार्थियों ने संभाला मोर्चा
नर्सिंग व पैरामेडिकल स्टॉफ के हड़ताल पर जाने से कुछ देर के लिए मरीज परेशान तो हुए लेकिन जब नर्सिंग प्रशिक्षण संस्थान के प्रशिक्षणार्थियों ने मोर्चा संभाला तो मरीजों को थोड़ी राहत मिली। इसके बावजूद मरीज नर्स व पैरा मेडिकल स्टॉफ के हड़ताल पर रहने तक परेशान रहे। उन्हें पूरी तरह राहत तब मिली, जब हड़ताल पर बैठा स्टॉफ हड़ताल खत्म कर दो घंटे बाद वार्डों में पहुंचा।
कई मांगों को लेकर किया है हड़ताल
नर्स व पैरा मेडिकल स्टॉफ ने हड़ताल कई मांगों को लेकर किया है। मांगों में सातवां वेतनमान, समयमान-वेतनमान व परीविक्षा अवधि समाप्त करने सहित अन्य कई मांग शामिल हैं। स्टॉफ का कहना है कि एक ओर जहां बाकी के विभागों को सातवां वेतनमान जारी कर दिया गया है। वहीं दूसरी ओर से मरीजों की सेवा करने वाले नर्सिंग व पैरामेडिकल स्टॉफ को अभी वंचित रखा गया है।
डीन व अधीक्षक को सौंपा ज्ञापन
नर्सिंग एसोसिएशन की जिलाध्यक्ष अंबिका तिवारी के नेतृत्व में शुरू की गई हड़ताल के बाद सभी ने सामूहिक रूप में मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. पीसी द्विवेदी व संजय गांधी अस्पताल के अधीक्षक डॉ. एपीएस गहरवार को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन सौंपते हुए स्टॉफ ने कहा कि उनकी मांगे जल्द ही नहीं मानी गई तो वह हड़ताल की अवधि बढ़ाने को बाध्य होंगे।