रीवा

एमपी के इस जिले में कलेक्टर ने मिलने से किया इंकार तो भडक़े छात्र, पूरे शहर में मच गई अफरा-तफरी, शासन तक पहुंचा मामला

पहले किया चक्काजाम फिर पहुंचे कलेक्ट्रेट...

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Aug 07, 2018
Rewa collector ignore student demand, protest in college for admission

रीवा। टीआरएस कॉलेज में प्रवेश के बावत निर्धारित 60 फीसदी अंक की अनिवार्यता को समाप्त करने की मांग कर रहे छात्र सोमवार को उस समय भडक़ गए, जब कलेक्टर ने उनसे मिलने से इंकार कर दिया। भडक़े छात्रों ने पहले कॉलेज में प्रदर्शन किया और कॉलेज चौराहे पर आकर वहां चक्काजाम कर दिया। पुलिस ने दबाव बनाकर चक्काजाम खत्म कराया तो छात्र कलेक्ट्रेट जा पहुंचे। वहां जब कलेक्टर ने छात्रों से बात कर उन्हें समझाइश दी। तब जाकर छात्रों का आक्रोश शांत हुआ।

मांग को लेकर पिछले कई दिनों से हैं आंदोलनरत
एनएसयूआइ के नेतृत्व में 60 फीसदी अंक की अनिवार्यता को समाप्त करने के लिए पिछले कई दिनों से चल रहे आंदोलन के मद्देनजर छात्र सोमवार को भी सुबह साढ़े 10 बजे कॉलेज में एकत्र हुए। एनएसयूआइ के जिलाध्यक्ष अनूप सिंह चंदेल के मुताबिक पूर्व में जिला प्रशासन के अधिकारी की ओर से मिले आश्वासन के मद्देनजर छात्रों ने कलेक्टर से मुलाकात करने का निर्णय लिया।

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कलेक्टर से मिलने की सहमति नहीं मिली
इस बावत एसडीएम के माध्यम से बात भी की गई लेकिन जब जवाब मिला कि कलेक्टर ने मिलने की सहमति नहीं दी तो छात्र भडक़ उठे। तीन दिन पहले मांग पूरी कराने का आश्वासन मिलने के बावजूद 60 फीसदी अंक की अनिवार्यता नहीं समाप्त की गई। कलेक्टर की न और मांग पूरी नहीं होने से आक्रोशित छात्रों ने कॉलेज में ही नारेबाजी शुरू कर दी।

कलेक्टर को बुलाने की मांग पर अड़े रहे
सैकड़ों की संख्या में एकत्र छात्र नारेबाजी करते हुए कॉलेज से निकलकर कॉलेज चौराहे पर आ गए और धरने पर बैठ गए। बीच चौराहे धरना पर बैठने के चलते वाहनों का आवागमन रुक गया और जाम की स्थिति बन गई। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस छात्रों को समझाने की कोशिश की लेकिन छात्र कलेक्टर के आने तक वहां से हटने को तैयार नहीं हुए।

पुलिस अधिकारियों ने छात्रों को जैसे-तैसे समझाया
जैसे-तैसे छात्रों को समझाते हुए पुलिस अधिकारियों ने जिला प्रशासन के अधिकारियों से बात की। छात्रों को अवगत कराया गया कि कलेक्टर मिलने के लिए तैयार हैं। उन्होंने छात्रों को बुलाया। पहले तो छात्र इस मांग पर अड़े रहे कि कलेक्टर खुद यहां आएं लेकिन जब पुलिस अधिकारियों ने जाम का हवाला देकर दबाव बनाया तो छात्र भी मान गए और रैली के रूप में नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे।

धरना प्रदर्शन में यह छात्र रहे शामिल
एनएसयूआइ जिलाध्यक्ष के अलावा प्रदेश सचिव मंजुल त्रिपाठी, टीआरएस कॉलेज की छात्र संघ अध्यक्ष योगिता सिंह परिहार व छात्र नेता सिद्धार्थ सिंह के नेतृत्व में छात्रों ने प्रदर्शन किया। धरना प्रदर्शन में छात्रसंघ की सहसचिव रुचि पाण्डेय, शुभम सिंह चंदेल, काव्या सिंह बघेल, नेहा त्रिपाठी, अतुल द्विवेदी, विपिन तिवारी, पवन सिंह, अखण्ड सिंह, अमित तिवारी, शारदा सिंगोटे, निशांत, रवि शर्मा, हर्षित सिंह, अभिषेक, अनुराग चतुर्वेदी, नीरज यादव, अर्पित पाण्डेय, अभिषेक तिवारी, मुजीब खान, नायाब खान, यमन अली, जुनैद पठान, आयुष सिंह, अमित सिंह, रवि सेन, संदीप पटेल, सद्दाम चौहान, संजू पटेल, दौलत खान, अभिषेक शुक्ला, रमाकांत, इस्माइल खान सहित अन्य छात्र शामिल रहे।

patrika IMAGE CREDIT: Patrika

कलेक्टर ने प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा से की बात
कॉलेज चौराहे से चक्काजाम समाप्त कर छात्र जब कलेक्ट्रेट पहुंचे तो कलेक्टर प्रीति मैथिल छात्रों से मिलने बाहर आईं। छात्रों के मुताबिक कलेक्टर ने आश्वासन दिया है कि छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए जल्द ही कोई न कोई निर्देश जारी किया जाएगा। कलेक्टर ने खुद इस संबंध में उच्च शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव से बात किया है। बताया गया है कि छात्रों की मांग से संबंधित बिन्दु पर शासन स्तर पर विचार विमर्श जारी है। कलेक्टर से बातचीत के दौरान छात्रों ने उन्हें टीआरएस कॉलेज में रिक्त सीटों की जानकारी भी दी।

पंजीयन की आखिरी तारीख में खाली है 2075 सीट
टीआरएस कॉलेज में सीएलसी राउंड के पंजीयन की आखिरी तारीख तक स्नातक कक्षाओं में 2075 सीट खाली है। स्नातकोत्तर भी 787 सीटों पर प्रवेश नहीं हुए हैं। छात्रों ने कहा कि सीट खाली रहने के बावजूद हायर सेकंडरी में 60 फीसदी से कम अंक पाने वाले छात्रों को प्रवेश नहीं दिया जा रहा है। छात्रों की माने तो शासन की ओर से 55 फीसदी अंक निर्धारित करने को आदेश हुआ है लेकिन उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारी आदेश को लंबित किए हुए हैं।

चौराहे पर लगे जाम पर परेशान हुए लोग
वैसे तो कॉलेज चौराहे पर छात्रों की ओर से धरना प्रदर्शन करीब एक घंटे तक ही किया गया लेकिन बीच चौराहे धरना प्रदर्शन करने के चलते बनी जाम की स्थिति में लोग घंटों परेशान हुए। करीब सुबह 11 बजे शुरू हुआ छात्रों का प्रदर्शन दोपहर 12 बजे समाप्त तो हो गया लेकिन जाम के चलते लोग 11 बजे से लेकर डेढ़ बजे तक परेशान हुए। पुलिस को भी जाम खुलवाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।

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