
School student present scientific model in inspire Award Exhibition
रीवा। किसी ने सेंसर बेस्ड ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम का मॉडल प्रस्तुत कर एक्सपर्ट्स को हैरत में डाल तो किसी ने घर में वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट लगाने का मॉडल प्रस्तुत कर अपने दिमाग का लोहा मनवाया। बात इंस्पॉयर अवार्ड योजना के तहत आयोजित संभाग स्तरीय प्रदर्शनी की कर रहे हैं। इसमें बाल वैज्ञानिकों ने एक से बढक़र एक मॉडल प्रस्तुत किए।
चुने गए उत्कृष्ट चार मॉडल
मॉडल स्कूल में आयोजित प्रदर्शनी में स्कूली छात्र-छात्राओं की ओर से प्रस्तुत वैज्ञानिक मॉडल देखकर न केवल शिक्षा अधिकारी बल्कि निर्णायक भी भौचक रह गए। बच्चों का दिमाग इतनी गहराई तक भी सोच सकता है, इसका उन्हें अंदाजा भी नहीं रहा है। प्रदर्शनी में संभाग के चारों जिलों से छात्र-छात्राएं प्रतिभागी के रूप में शामिल हुए। वैसे कई छात्रों के मॉडल उत्कृष्ट श्रेणी के रहे लेकिन उनमें से बेहतर चार मॉडल को चुनकर प्रतिभागियों को प्रथम, द्वितीय व तृतीय विजेता घोषित किया गया। विजेताओं को कमिश्नर ने पुरस्कृत किया।
आधे से अधिक रहे अनुपस्थित
प्रदर्शनी में वैसे चारों जिलों में 113 प्रतिभागियों को शामिल होना था लेकिन उपस्थित छात्र-छात्राओं की संख्या महज 42 रही। दूसरे जिलों की बात तो दूर रीवा जिले के ही प्रतिभागी प्रदर्शनी में शामिल नहीं हुए। जिले से 53 प्रतिभागियों को शामिल होना था लेकिन महज 17 तक ही सीमित रही। सिंगरौली से आठ के बजाए सात प्रतिभागी ही पहुंचे। सतना से 34 में से 11 व सीधी जिले से 18 में 8 प्रतिभागी शामिल हुए।
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संभाग से चार प्रतिभागी चयनित
प्रदर्शनी में शामिल प्रतिभागियों में से 10 फीसदी यानी चार प्रतिभागियों को अगले चरण की राज्य स्तरीय प्रदर्शनी के लिए चुना गया। चयनित में यहां रीवा से पीके स्कूल की छात्रा अनामिका मिश्रा, सतना जिले से राहुल सिंह, सीधी से संजना विश्वकर्मा व सिंगरौली से हरिओम साहू शामिल हैं। पीके स्कूल के प्राचार्य ओंकारनाथ पाण्डेय, मधु सिंह व अंकिता तिवारी ने छात्रा को बधाई दी है।
हर जिले से आए उत्कृष्ट मॉडल
प्रदर्शनी में संभाग के चारों जिलों से उत्कृष्ट मॉडल आए। मॉडल के साथ आए छात्र-छात्राओं ने निर्णायकों के समक्ष अपने-अपने मॉडल कार्यप्रणाली का प्रदर्शन भी किया। छात्रों ने कुछ इस तरह प्रस्तुत किया मॉडल बनाने का उद्देश्य...
फॉयर एलॉर्म की नई तकनीकी
शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पडऱी सिंगरौली के कक्षा आठवीं के छात्र अभय कुमार पटेल ने फॉयर अलार्म सिस्टम पर आधारित मॉडल प्रस्तुत किया। अभय ने बताया कि उनके इस मॉडल पर आधारित सिस्टम बड़ी बिल्डिंगों के साथ घर में भी लगाया जा सकता है। मॉडल की कार्यप्रणाली को उन्होंने प्रयोग के जरिए सबसे सामने प्रस्तुत किया।
सेंसर बेस्ड ट्रैफिक कंट्रोल
शासकीय उच्चतर माध्यमिक उत्कृष्ट विद्यालय बैढऩ के कक्षा 11वीं के छात्र हरिओम साहू ने टै्रफिक कंट्रोल संबंधित सेंसर बेस्ड मॉडल प्रस्तुत किया। छात्र ने बताया कि सडक़ों पर ट्रैफिक बेस्ड सेंसर व सीसीटीवी कैमरा लगाकर नियमों का उल्लंघन करने वालों को कंट्रोल रूम में बैठकर न केवल देखा जा सकता है बल्कि चिह्नित कर कार्रवाई भी की जा सकती है।
घर में चला सकते हैं सोलर फैन
शासकीय कप्तान लाल प्रताप सिंह उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सतना के कक्षा 10 वीं के छात्र गौरव कुमार मिश्रा ने ऐसे सोलर फैन का मॉडल प्रस्तुत किया, जिसका उपयोग घर में किया जा सकता है। मॉडल के जरिए उन्होंने बिजली की बचत का मैसेज दिया। कहा कि आने वाले दिनों में उनके मॉडल पर आधारित यंत्रों का घरों में प्रयोग होगा।
जल से बिजली बनाने का तरीका
शासकीय हाइस्कूल गढ़वा खुर्द सतना के कक्षा नवीं के छात्र शिव सिंह ने हाइड्रो पॉवर प्लांट पर बेस्ड मॉडल प्रस्तुत किया। पानी से बिजली किस तरह बनाया जाता है। स्वचालित बेस्ड मॉडल देखकर हर कोई भौचक रह गया। छात्र ने बताया कि बिजली उत्पादन के लिए इस तरह के छोटे प्लांट डालकर बिजली के उत्पादन को बढ़ाया जा सकता है।
घर में लगाए वाटर ट्रीटमेंट प्लांट
शासकीय प्रवीण कुमारी उच्चतर माध्यमिक कन्या विद्यालय रीवा की कक्षा 12वीं की छात्रा अनामिका मिश्रा वेस्ट वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का घरेलू मॉडल प्रस्तुत किया। उन्होंने मॉडल के जरिए बताया कि लोग अपने घरों में भी इस प्लांट को बनाकर बरसात व घर से निकलने वाले वेस्ट पानी को शुद्ध कर सकते हैं। वॉटर हार्वेस्टर प्लांट का ही हिस्सा बन सकता है।
रासायनिक ऊर्जा से विद्युत ऊर्जा
शासकीय प्रवीण कुमारी उच्चतर माध्यमिक कन्या विद्यालय की कक्षा नवीं की छात्रा स्नेहा मिश्रा ने रासायनिक ऊर्जा को किस तरह विद्युत ऊर्जा में बदला जाता है पर आधारित मॉडल प्रस्तुत किया। उन्होंने मॉडल के जरिए बताया कि जहां पानी नहीं है, वहां बिजली के संकट को किस तरह से दूर किया जा सकता है। कुछ घंटे के लिए ही सही बिजली मिल सकती है।
एक बल्ब से रोशन करें पूरा घर
शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सेमरिया सीधी की कक्षा 11वीं की छात्रा सची तिवारी ने प्रकाश परावर्तन पर आधारित मॉडल प्रस्तुत किया। मॉडल के जरिए छात्रा ने बताया कि पूरे घर को किस तरह केवल एक बल्ब के जरिए रोशन किया जा सकता है। कहा कि प्रकाश परावर्तन के सिद्धांत को तकनीकी तौर पर इस्तेमाल कर बिजली बचाई जा सकती है।
सामान्य फैन को बनाएं एसी जैसा
शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सेमरिया सीधी की कक्षा आठवीं की छात्रा ने सामान्य पंखे को एयर कंडीशनर के रूप में किस तरह प्रयोग किया जा सकता है, इस पर आधारित मॉडल को प्रस्तुत किया। प्रयोग के जरिए बताया कि भयानक गर्मी में टेबल फैन से किस तरह एसी जैसी ठंडी हवा ली जा सकती है। वह भी कम से कम खर्च में।
Published on:
07 Aug 2018 12:30 pm
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