
Kalpana Mishra Case Rewa- पिछले 15 दिनों से रीवा में चल रहे कल्पना मिश्रा केस में बुधवार को नया मोड़ आ गया। 15 दिन से लगातार धरना दे रहे उसके पिता रामशिरोमणि मिश्रा को प्रशासन ने जबरन उठा लिया और अस्पताल में भर्ती करा दिया है। पिता की बिगड़ती सेहत को देखते हुए प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद धरना खत्म हो गया है।
रीवा के गांधी मेमोरियल अस्पताल में प्रसूता कल्पना मिश्रा और उसके नवजात शिशु की मौत के मामले में न्याय की मांग को लेकर कल्पना के पिता रामशिरोमणि मिश्रा धरना दे रहे थे। रीवा के सिरमौर चौराहे पर पिता रामशिरोमणि मिश्रा धरना स्थल पर मौजूद थे, जब अचानक प्रशासन का अमला पहुंच गया और उन्हें उठाकर अस्पताल पहुंचा दिया। प्रशासनिक टीम के साथ चिकित्सकों का दल भी धरना स्थल पर पहुंचा था। प्रशासन का कहना है कि लगातार अन्न त्यागकर अनशन कर रहे रामशिरोमणि मिश्रा की बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए उन्हें अस्पताल ले जाया गया। कार्रवाई के बाद धरना स्थल पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया।
रामशिरोमणि के समर्थन में अनशन कर रहे अन्य लोगों को पुलिस कंट्रोल रूम ले गई। कई दिनों से धरना स्थल पर लगाए गए तंबू को भी हटा दिया गया है। पिता को अस्पताल ले जाने के बाद आंदोलन को लेकर प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है। स्थिति को देखते हुए धरना स्थल पर पुलिस बल की तैनाती की गई है।
प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन पर पक्षपातपूर्ण कार्रवाई का आरोप लगाते हुए विरोध किया। मौके पर मौजूद लोगों ने आरोप लगाया कि आंदोलन से जुड़े अन्य लोगों को भी पुलिस अपने साथ ले गई और उनके साथ अभद्रता की गई। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि धरना स्थल पर तीन लोग अनशन पर बैठे थे।
आंदोलनकारियों के अनुसार, रामशिरोमणि मिश्रा की मुख्य मांग कल्पना मिश्रा और उसके नवजात शिशु की मौत के मामले में जिम्मेदार चिकित्सकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की थी। आरोप है कि लंबे समय से आंदोलन चलने के बावजूद मांग पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई। धरना स्थल पर मौजूद लोगों ने कुछ पुलिसकर्मियों के बिना नाम-पट्टी के होने का आरोप भी लगाया।
विधायक सिद्धार्थ तिवारी ने मीडिया से कहा कि मुख्यमंत्री पूरे मामले पर नजर रख रहे हैं। जांच के तथ्यों पर जिम्मेदारी तय होगी। दो दिन के भीतर कार्रवाई होगी।
रीवा के संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल में कल्पना मिश्रा भर्ती थी। वो बार-बार अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगा रही थी। उसका कहना था कि मुझे इस अस्पताल से ले चलो नहीं तो यह लोग मुझे मार डालेंगे। परिजनों का यह भी आरोप है कि इलाज के दौरान गंभीर लापरवाही बरती गई, उनका कहना है कि समय पर इलाज नहीं मिला और ड्यूटी पर मौजूद डाक्टरों व नर्सिंग स्टाफ ने अभद्र व्यवहार किया।इस बीच मरीज का एक वीडियो भी वायरल हुआ था, जिस में मरीज कथित तौर पर आपरेशन को लेकर अपनी परेशानी बताती दिखाई दे रही है। वो बार-बार आपरेशन थिएटर में जाने से मना कर रही है, लेकिन पिता उसे समझा रहे हैं। अंततः कल्पना मिश्रा को बच्चे को जन्म देने के लिए ले जाया गया, जहां दोनों की ही मौत हो गई। अब इस मामले की जांच के लिए समिति गठित की गई है। बाद में अस्पताल के अधीक्षक डाक्टर राहुल मिश्रा को मृतका के लिए विवादित बयान देने पर तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया।