रीवा

एमपी के इस जिले में स्कूलों का बुरा हाल, कागजी आदेश तक सीमित गैर शैक्षणिक गतिविधियां

शासन के निर्देश का नहीं हो रहा पालन...

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Jul 27, 2018
School condition in Rewa is poor, apart from study, activity also held

रीवा। शासकीय स्कूलों में शिक्षकों की कमी सहित अन्य अव्यवस्थाएं न केवल शैक्षणिक कार्यों को बल्कि इससे इतर छात्रों से जुड़ी दूसरी गतिविधियों को भी प्रभावित कर रही हैं। वह भी उस स्थिति में जब इन इतर गतिविधियों को शासन स्तर से शैक्षणिक कैलेंडर में शामिल किया गया है।

आयोजित नहीं हो पा रही दूसरी गतिविधियां
स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से जारी कैलेंडर में पढऩे-पढ़ाने के अलावा खेलकूद, बालसभा, प्रतियोगिताएं, बच्चों को रेडियो पर आयोजित कार्यक्रम सुनाना व समझाना सहित अन्य गतिविधियों के आयोजन का निर्देश है। लेकिन अभी तक नए सत्र में ज्यादातर स्कूलों में न ही पढ़ाई हो पा रही है और न ही छात्रों के लिए इतर दूसरी गतिविधियों का आयोजन संभव हो पा रहा है।

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पर्यटन क्विज जीता-जागता है उदाहरण
पर्यटन क्विज के लिए स्कूल प्राचार्यों की अरुचि इसका जीता-जागता उदाहरण है। 31 जुलाई को आयोजित होने वाली जिला स्तरीय क्विज प्रतियोगिता के लिए छात्रों के केवल चंद आवेदन आए हैं। इसके अलावा शासन स्तर से जारी आधा दर्जन निर्देशों पर प्राचार्यों का ध्यान ही नहीं जा रहा है।

बरसात में परिसर का है बुरा हाल
वर्तमान में बरसात के चलते ज्यादातर स्कूल परिसरों का बुरा हाल है। इस स्थिति में न ही प्रार्थना सभा हो रही है और न ही खेल गतिविधियां। स्कूल आने के बाद से छुट्टी होने तक का पूरा समय छात्रों का कक्षा में ही टाइम पास करने में जा रहा है। यही वजह है कि धीरे-धीरे स्कूलों में छात्रों की संख्या आधी से भी कम हो गई है। छात्रों ने स्कूल आना ही बंद कर दिया है। शिक्षा अधिकारियों की ओर से किए जा रहे निरीक्षण में यह बात सामने आ रही है।

आयोजित की जानी है इतर गतिविधियां
- हर रोज प्रार्थना स्थल पर 20 मिनट का आयोजन कर छात्रों को नैतिक शिक्षा के तहत जानकारी देना।
- प्रत्येक महापुरूषों की पुण्यतिथि पर कार्यक्रम का आयोजन कर उनके बारे में जानकारी देना।
- पर्यावरण व वानिकी जैसे प्रत्येक दिवसों पर कार्यक्रम का आयोजन कर महत्व के बारे में बताना।
- आस-पास के धार्मिक व पर्यटन स्थलों का समय-समय पर भ्रमण कराकर उनके महत्व की जानकारी देना।

गतिविधियों के ठप होने का प्रमुख कारण
- ज्यादातर स्कूलों में शैक्षणिक स्टॉफ की कमी व अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति नहीं हो पाना है।
- शिक्षकों पर स्कूल में छात्रों से संबंधित कार्य के अलावा शासन-प्रशासन की ओर से सौंपे गए दूसरे कार्य हैं।
- स्कूल में सुविधाओं का अभाव व परिसर में जलभराव सहित अन्य अव्यवस्थाएं भी बन रही वजह।

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