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एमपी के इस जिले में व्यापारियों को मनमानी की है खुली छूट, लगाम लगाने हो रही केवल कागजी खानापूर्ति

नहीं आई खाद-बीज सेंपल की रिपोर्ट...
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रीवा

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Ajit Shukla

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Updated: 26 Jul 2018, 4:19 PM IST

Fertilizer and seed collected in Rewa, reports pending at Jabalpur Lab

Fertilizer and seed collected in Rewa, reports pending at Jabalpur Lab

रीवा। हर बार की तरह इस बार भी किसान खाद व बीज के लिए व्यापारियों की मेहरबानी के भरोसे हैं। खाद व बीज मानक है या अमानक, इस बात से बेखबर किसान व्यापारियों से बीज व खाद लेकर बोवनी कर रहा है। किसानों को मानक के अनुरूप खाद-बीज मिले। इसके लिए शासन स्तर से व्यवस्था तो बनाई गई है। लेकिन महज कागजी खानापूर्ति तक सीमित है।

कृषि अधिकारियों ने पूरा कर लिया शासन से मिला लक्ष्य
दरअसल शासन से मिले निर्देशों के अनुरूप कृषि विभाग के अधिकारियों ने निरीक्षण में बीज के 98 व खाद के २६ सेंपल एकत्र कर जबलपुर स्थित प्रयोगशाला में परीक्षण के लिए भेजा है। लेकिन अभी तक उनमें से किसी एक की भी रिपोर्ट नहीं मिली है। जबकि खरीफ की बोवनी का आधा वक्त व बोवनी खत्म हो चुकी है।

बीज का लक्ष्य पूरा, खाद में अभी है अधूरा
प्रयोगशाला से जब तक सेंपल की रिपोर्ट आएगी। तब तक किसान बाजार से मिले बीज व खाद का प्रयोग कर बोवनी पूरी कर चुके होंगे। गौरतलब है कि कृषि विभाग को शासन स्तर से बीज के 100 व खाद के 36 सेंपल एकत्र करने का निर्देश मिला था। जिसकी खानापूर्ति स्थानीय अधिकारियों ने कर दी है।

कागज तक सीमित रहती है कार्रवाई
बाद में प्रयोगशाला से सेंपल की रिपोर्ट आने के बाद भी खाद-बीज अमानक पाए जाने की स्थित में संबंधित व्यापारी पर कार्रवाई तो होती है। लेकिन यह कार्रवाई भी महज खानापूर्ति तक सीमित रहती है। क्योंकि गत वर्षों में जिन व्यापारियों पर कार्रवाई की गई। उनमें से ज्यादातर व्यापारियों की दुकानें अब भी चल रही हैं।

पिछले कई वर्षों से चली आ रही है स्थिति
खाद-बीज परीक्षण को लेकर यह स्थिति पिछले कई वर्षों से देखी जा रही है। बोवनी से पहले खाद-बीज के सेंपल की रिपोर्ट मिल सके, इसके लिए जिला स्तर पर प्रयोगशाला स्थापित करने की योजना बनाई गई। मशीने भी खरीद ली गई, लेकिन चार वर्ष का समय बीतने के बाद भी प्रयोगशालाएं शुरू नहीं हो सकी हैं।