रीवा

एमपी के इन शहरों का बुरा हाल, पढ़ाई करने के लिए दूसरे शहर जा रहे छात्र

महज 33 फीसदी ने लिया प्रवेश...

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Jul 10, 2018
Student not interest for admission in Rewa's college, go to other city
Student not interest for admission in Rewa's college, go to other city

रीवा। माध्यमिक शिक्षा मंडल की हायर सेकंडरी परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले ज्यादातर मेधावियों की पसंद में शहर के शैक्षणिक संस्थान शामिल नहीं हैं। कॉलेजों में स्नातक स्तरीय पाठ्यक्रम में प्रथम चरण में हुए प्रवेश कुछ ऐसा ही बयां कर रहे हैं। बात मुख्यमंत्री के मेधावी योजना की कर रहे हैं।

स्नातक में एक तिहाई से भी कम प्रवेश हुए
प्रथम चरण के तहत कॉलेजों में प्रवेश लेने वाले मेधावी छात्रों की संख्या पर गौर करें तो यह संख्या जिले के कुल मेधावियों की संख्या की एक तिहाई से कम है। शिक्षा विभाग की माने तो जिले में हायर सेकंडरी की परीक्षा ७० फीसदी व इससे अधिक अंक के साथ उत्तीर्ण करने वाले छात्रों की संख्या 2100 के करीब है। जबकि प्रथम चरण में प्रवेश लेने वाले छात्रो की संख्या महज 682 है। सबसे अधिक मेधावियों ने टीआरएस कॉलेज में प्रवेश लिया है।

70 फीसदी अंक वाले योजना में शामिल
शहर के शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश लेने वाले मेधावियों में ज्यादातर संख्या छात्राओं की है। कॉलेज प्राचार्यों की माने तो प्रवेशित मेधावियों में 70 फीसदी के करीब छात्राएं शामिल हैं। प्राचार्यों की ओर से कयास लगाया जा रहा है कि ज्यादातर छात्र और कुछ छात्राएं भोपाल व इंदौर जैसे दूसरे बड़े शहरों के शैक्षणिक संस्थानों के विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेंगे।

आगे के चरणों में कम होगी प्रवेश की संख्या
दूसरे और फिर तीसरे चरण की प्रवेश प्रक्रिया में मेधावियों की संख्या कम होगी। क्योंकि प्राचार्यों के मुताबिक पहले चरण में मेरिट में ज्यादातर संख्या मेधावियों की रही है। लेकिन उनकी ओर से प्रवेश के लिए रुचि नहीं दिखाई गई है। माना जा रहा है कि मेधावियों की आधे से अधिक संख्या दूसरे शहरों के मेडिकल व इंजीनियरिंग पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने रुचि लेंगे। इनमें से ज्यादातर इंजीनियरिंग व मेडिकल पाठ्यक्रम वाले छात्र हैं।

मेधावी योजना में शामिल 70 फीसदी वाले छात्र
शासन स्तर से जारी निर्देशों के अनुरूप अब की बार मेधावी योजना में उन छात्रों को शामिल किया गया है। जिनके अंक माध्यमिक शिक्षा मंडल की हायर सेकंडरी बोर्ड परीक्षा में 70 फीसदी या इससे अधिक हैं। पिछले वर्ष योजना के तहत 75 फीसदी प्राप्तांक को पात्रता घोषित किया गया है। इसके अलावा पिता की आय सहित दूसरी भी कई शर्तें निर्धारित हैं।

आरक्षित वर्ग के मेधावी भी नहीं ले रहे रुचि
मेधावी योजना के तहत प्रवेश लेने में वह छात्र भी रुचि नहीं ले रहे हैं, जिनके अंक 70 फीसदी या इससे अधिक हैं और वह अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति वर्ग में शामिल हैं। आरक्षित वर्ग के इन छात्रों को इनके लिए निर्धारित दूसरी योजना से अधिक लाभ होगा। यही वजह है कि आरक्षित वर्ग के छात्र मेधावी योजना में रुचि नहीं ले रहे हैं। छात्र केवल एक योजना का लाभ ले सकता है।

फैक्ट फाइल
2100 छात्रों का प्राप्तांक ७० फीसदी या इससे अधिक
682 मेधावियों का प्रवेश प्रथम चरण की प्रक्रिया में
278 मेधावियों का प्रवेश टीआरएस कॉलेज में
209 मेधावियों का प्रवेश मॉडल साइंस कॉलेज में
165 मेधावियों का प्रवेश कन्या महाविद्यालय में
30 मेधावियों का प्रवेश बाकी के अन्य कॉलेजों में

Published on:
10 Jul 2018 12:28 pm