कलेक्टर से शिकायत, शिक्षक पर धमकाने का आरोप- शिकायत की तो हरिजन एक्ट में फंसा देंगे
रीवा. शिक्षक द्वारा बच्चों को वितरित करने के लिए आई किताबें कबाड़ी को बेचने का मामला सामने आया है। किताबें कबाड़ी को देते समय गांव के लोगों ने शिक्षक को रंगे हाथ पकड़ लिया और उसका वीडियो बनाकर वायरल कर दिया। मामले की शिकायत स्कूल के प्राचार्य, जिला शिक्षा अधिकारी एवं कलेक्टर से की गई है। जिसमें शिक्षक पर आरोप लगाया गया है कि उसने शिकायतकर्ता को इस घटना की शिकायत नहीं करने के लिए धमकाया है, कहा कि यदि शिकायत की तो वह हरिजन एक्ट में फंसा देगा।
शासकीय हाई स्कूल बदरावं गौतमान तहसील सिरमौर जिला रीवा में पदस्थ शिक्षक सुदामा कोल बच्चों को वितरित करने के लिए आई वर्ष 2018 की लगभग दो क्ंिवटल किताबें कबाड़ी को बुलाकर बेच रहा था। बीते रविवार के दिन कबाड़ी ने किताबें स्कूूल में पहुंचकर शिक्षक के सामने बोरियों में भर ली थी। उसी दौरान गांव के लोगों को इसकी भनक लग गई। तत्काल मौके पर विजयशंकर त्रिपाठी, रावेन्द्र कुमार कुशवाहा एवं शिवम दुबे सहित अन्य पहुंचे और पूरे मामले का वीडियो बनाकर वायरल कर दिया।
कबाड़ी को किया चलता
हालांकि गांव के लोगों के पहुंच जाने के बाद शिक्षक ने स्वयं किताबें बोरी से बाहर निकाली और कबाड़ी को बोरियां देकर चलता कर दिया। गांव के लोगों ने तत्काल इसकी जानकारी प्राचार्य और पुलिस को भी दी लेकिन उन्होंने कार्रवाई नहीं की। इसके बाद गांव के लोगों ने डीइओ रीवा एवं कलेक्टर को पूरे मामले से अवगत कराते हुए उन्हें भी वीडियो सौपा और कार्रवाई की मांग की।
माफी मांग लिया तो बात खत्म करो
जब इस घटना की लिखित शिकायत गांव के लोगों ने प्राचार्य अखिलेश शर्मा से की और वीडियो भी सौंपा तो उनका कहना था कि गलती हुई है एक बार माफ कर दीजिए। जब उसने माफी मांग लिया है तो बात खत्म करो। इस पर ग्रामीण भड़क गए और प्राचार्य पर मिलीभगत का आरोप मढ़ दिया। गांव के लोग प्राचार्य से कार्रवाई के लिए कहते रहे लेकिन वे मामले को दबाने में लगे हुए हैं।
स्कूल में नहीं होती पढ़ाई
गांव के लोगों ने अपने आवेदन में बताया कि उक्त विद्यालय में पढ़ाई नहीं होती जिससे छात्रों का भविष्य अंधकारमय हो रहा है। आरोप है कि प्राचार्य द्वारा मनमानी की जा रही है। स्टॉफ में सभी शिक्षक उनके परिवार व रिश्तेदार हैं, जिससे समय पर वे स्कूल नहीं आते और न ही छात्रों को पढ़ाते ही हैं। जिससे अभिभावकों में खासी नाराजगी है। बताया कि अभी तक स्कूल में अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति नहीं की जा सकी है।
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यदि ऐसा है तो यह गंभीर मामला है। इसकी पूरी जानकारी लेकर जांच कराऊंगा और कार्रवाई करूंगा। इसके अलावा एक टीम बनाएंगे और दूसरे स्कूलों की भी किताबों के वितरण की स्थिति की जांच कराएंगे। हालांकि स्कूलों से किताबों के वितरण की जानकारी मांगी गई है।
अंजनी कुमार त्रिपाठी, डीईओ रीवा