
Sagar Advocate Death: मध्यप्रदेश के सागर में एक एडवोकेट की घर में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। एडवोकेट की चिल्लाने की आवाज सुनकर जब परिजन कमरे में पहुंचे तो वो जमीन पर तड़प रहे थे। परिजन एडवोकेट को अस्पताल लेकर पहुंचे जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। आशंका जताई जा रही है कि एडवोकेट ने जहर खाकर आत्महत्या की है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है। घटना से इलाके में सनसनी फैल गई और एडवोकेट की मौत की खबर सुनकर वकीलों में शोक की लहर दौड़ पड़ी और बड़ी संख्या में साथी वकील अस्पताल पहुंच गए।
सागर के कैंट थाना क्षेत्र के सदर इलाके में रहने वाले एडवोकेट दीपक रंजन तिवारी की मंगलवार को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजनों के मुताबिक दीपक अपने कमरे में थे और तभी कमरे से तेज चिल्लाने की आवाज आई। परिवार के सदस्य कमरे में पहुंचे तो दीपक जमीन पर तड़प रहे थे। परिजनों ने तुरंत उन्हें उठाया और अस्पताल लेकर पहुंचे लेकिन तब तक सांसें थम चुकी थीं और डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
आशंका जताई जा रही है कि एडवोकेट दीपक रंजन तिवारी ने जहर खाकर आत्महत्या की है। उनके बीते कुछ दिनों से मानसिक तनाव में होने की बात भी सामने आई है। घटना का पता चलते ही पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है। दीपक रंजन तिवारी की मौत की सूचना मिलते ही अस्पताल में वकीलों की भीड़ लग गई, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
मृतक दीपक रंजन तिवारी के साथी वकीलों का कहना है कि दीपक रंजन तिवारी के खिलाफ एक मामला न्यायालय में विचाराधीन है और इसे लेकर वो बीते कई दिनों से तनाव में थे। रंजन तिवारी के कुछ दिनों से कोर्ट न आने की जानकारी भी साथी वकीलों ने दी है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है, परिजनों के बयान और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल पाएगा।