सागर

चंद्रग्रहण खत्म होने बाद खुले मंदिरों के पट, भगवान की आरती कर लगाया भोग

ज्योतिषाचार्य पं. रघु शास्त्री ने बताया कि चंद्रग्रहण के चलते मंदिरों के पट बंद कर दिए जाते हैं। इस दौरान भक्त भगवान की आराधना और भजन करते हैं। कई लोग सूतक लगने के बाद से भोजन व पानी भी ग्रहण नहीं करते हैं।
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Updated: 9 Sep 2025, 4:57 PM IST
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चंद्रग्रहण के चलते रविवार को दोपहर बाद से बंद हुए मंदिरों के पट सोमवार को सुबह से खुल गए। कई लोगों ने रात्रि के समय चंद्रग्रहण देखा। रात्रि में ग्रहण खत्म होने के बाद मंदिरों के पट दोबारा खुले और मंदिरों में धुलाई के बाद भगवान की आरती हुई। ज्योतिषाचार्य पं. रघु शास्त्री ने बताया कि चंद्रग्रहण के चलते मंदिरों के पट बंद कर दिए जाते हैं। इस दौरान भक्त भगवान की आराधना और भजन करते हैं। कई लोग सूतक लगने के बाद से भोजन व पानी भी ग्रहण नहीं करते हैं। सूतक लगने के चलते शहर के कई मंदिरों में पट बंद रहे तो कई जगह मंदिरों व घरों में भक्त भगवान की आराधना व संकीर्तन करते हुए नजर आए। ग्रहण खत्म होने के बाद मंदिरों में धुलाई के बाद आरती उतारकर उन्हें भोग लगाया गया।

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9 Sep 2025, 4:57 PM IST
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