Big Statement on Brahmin: ब्राह्मण समाज के सम्मेलन में भाजपा विधायक गोपाल भार्गव बोले- आपके वोट से नौकरी, रोजगार, अधिकार और संपन्नता, जाति के सामने पार्टी कुछ नही...।
Big Statement on Brahmins: भाजपा के गढ़ाकोटा विधायक गोपाल भार्गव ने ब्राह्मणों के प्रांतीय सम्मेलन में कहा कि आजादी के पहले कई पार्टियों ने आजादी के लिए संघर्ष किया। आज हम आजाद हैं, लेकिन संघर्ष जारी है। वर्तमान में नौकरी, रोजगार, अधिकार और संपन्नता आपके वोट से निकलती हैं, अब समय आ गया है कि समाज के लोगों को एकजुट होना होगा। जाति के सामने पार्टी कुछ नहीं होती है, यही व्यावहारिक राजनीति है।
प्रेम प्रसारिणी सनाढ्य सभा का प्रांतीय सर्व ब्राह्मण समाज सम्मेलन और वार्षिक सामाजिक स्मारिका सना्ढय ज्योति का विमोचन हुआ। इस अवसर समाज के 40 प्रतिभावान बच्चों का सम्मान हुआ। इस दौरान भार्गव(BJP MLA Gopal Bhargava) ने कहा कि संपन्न ब्राह्मण परिवार गरीब परिवारों की मदद करें। बच्चों को कोचिंग में अन्य सुविधाएं नि:शुल्क दें। अपने समाज के सभी लोग एकजुट होकर समाज को आगे बढ़ाएं।
अध्यक्षता कर रहे पूर्व मंत्री नरोत्म मिश्रा ने कहा सर्वाधिक सावधानी की जरूरत ब्राह्मणों को है, क्योंकि आदिकाल से हम पर ही प्रहार हुए हैं। उन्होंने कहा कि हमें अपने बच्चों को हमारी विरासत का महत्व बताना होगा। भारत के 15 प्रधानमंत्री में से 6 ब्राह्मण समाज के रहे हैं। भारत में अब तक 48 लोगों को भारत रत्न सम्मान से नवाजा गया है, उसमें से भी 24 ब्राह्मण हैं। जिन 9 भारतीयों को नोबल पुरस्कार मिले हैं, उनमें से 6 ब्राह्मण रहे हैं। यह हमारे समाज की उपलब्धि है। इससे अपने बच्चों को अवगत कराएं।
इसी साल फरवरी के महीने में विधायक गोपाल भार्गव(BJP MLA Gopal Bhargava) ने ब्राह्मणों पर बयान दिया था। भार्गव के बयान का एक वीडियो सामने आया थी। जिसमें वह कह रहे हैं कि तमाम संगठनों का एक ही लक्ष्य है कि ब्राह्मणों को मारो, दबाओ, इनसे बदला ले लो। सारे नियम-कानून ब्राह्मणों के खिलाफ ही बन रहे हैं। इसलिए हम सभी को संगठित होना पड़ेगा। संगठन में शक्ति होती है। हम संगठित हुए तो हमें कोई दबा नहीं सकता है।
ब्राह्मणों स्थितियों को देखते हुए सभी को संगठित होना पड़ेगा। बहुत चिंतित रहता हूं। रात में नींद नहीं आती है। आज जिस तरह के फैसले हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि मजबूत रहने के लिए अपने लोग वहां पहुंचने चाहिए। चाहे वह किसी भी पार्टी से हो। उन्होंने ब्राह्मण समाज से एकजुट होने का आह्वान किया। गोपाल भार्गव के ऐसे बयानों ने राजनीति गलियारों में हलचल बढ़ा दी थी। अब एक बार फिर इनका बयान चर्चा का विषय बन गया है।