
Sagar News : मध्य प्रदेश के सागर जिले की बीना तहसील के अंतर्गत आने वाले खिमलासा के आगे पीरघाट पर सोमवार सुबह एक भीषण सड़क हादसा हो गया। यहां इंदौर से ललितपुर जा रही यात्री बस और ट्रक के बीच सामने आमने की जोरदार भिड़ंत हो गई। हादसे में 15 से अधिक यात्री घायल हुए हैं। टक्कर इतनी भीषण थी कि बस का अगला हिस्सा और ट्रक का कैबिन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस और एफआरवी टीम ने मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया है। वहीं, हादसे के शिकार हुए घायलों को अस्पताल पहुंचाया। गया है।
सोमवार सुबह करीब छह बजे खिमलासा थाना अंतर्गत पीरघाट पर एक भीषण सड़क हादसा हो गया। इंदौर से ललितपुर जा रही एक यात्री बस और सामने से आ रहे ट्रक की आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई। हादसा इतना भयावह था कि दोनों वाहनों के परखच्चे उड़ गए और बस का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। दुर्घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और यात्रियों में अफरा-तफरी फैल गई।
हादसे में 15 से अधिक यात्रियों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। इनमें हरिराम पिता नाथूराम प्रजापति (50) निवासी ललितपुर, गुड्डुबाई पत्नी माणिकचंद कुर्मी निवासी ललितपुर तथा उमा पत्नी अशोक तिवारी निवासी उज्जैन सहित कई अन्य यात्री घायल हुए हैं। तीन घायलों को बीना सिविल अस्पताल लाया गया, जबकि अन्य घायलों ने अलग-अलग अस्पतालों में उपचार कराया।
घटना की जानकारी लगते ही एफआरवी के पायलट राजधर और खलक यादव थाना भानगढ़ से तत्काल मौके पर पहुंचे। वहीं, खिमलासा एफआरवी के पायलट अमित के साथ होमगार्ड देवेंद्र राजपूत भी राहत कार्य में जुट गए। पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को तत्काल अस्पताल भिजवाने की व्यवस्था की गई। पायलट राजधर ने बताया कि, कई यात्रियों को गंभीर चोटें आई हैं। हालांकि राहत की बात ये रही कि, हादसे का शिकार हुए सभी यात्री इतने भीषण हादसे के बावजूद में किसी की जान नहीं गई।
हादसे के बाद पीरघाट मार्ग पर कुछ समय के लिए जाम की स्थिति बन गई, जिसे खिमलासा पुलिस ने तत्काल यातायात बहाल कर नियंत्रित किया।
थानाप्रभारी राधेश्याम पटेल ने बताया कि कुछ घायल अलग-अलग स्थानों पर इलाज कराने चले गए हैं, जिनकी जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस दुर्घटना के वास्तविक कारणों की जांच कर रही है। प्रारंभिक तौर पर तेज रफ्तार या चालक द्वारा नशे की हालत में वाहन चलाने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद ही हादसे के सही कारण स्पष्ट हो सकेंगे।