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18 साल के नमन की जान के दुश्मन हैं सांप, सागर 8 महीने में 4 बार डसा

Boy bitten by snake 4 times in 8 months: 12वीं क्लास में पढ़ने वाले नमन चौबे को चौथी बार सांप के डसने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहां उसकी हालत खतरे से बाहर है, नमन को बार-बार सांप के डसने से दहशत में हैं परिजन।
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boy bitten by snake four times in 8 months, युवक को 8 महीने में सांप ने 4 बार डसा (source-patrika)

Sagar Boy bitten by snake 4 times in 8 months: मध्यप्रदेश के सागर जिले में रहने वाले एक 12वीं क्लास के छात्र नमन चौबे के साथ सांपों की न जाने कौन सी दुश्मनी है कि सांप बार-बार उसे डसते हैं। वैसे नमन की किस्मत अच्छी है और वो हर बार सांप के डसने के बाद जीवित बच जाता है। अब एक बार फिर सांप ने नमन को डसा है और उसका इलाज सागर जिला अस्पताल में चल रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि नमन की हालत खतरे से बाहर है। नमन को बार-बार सांप के डसने की घटनाओं से उसके परिजन दहशत में हैं।

18 वर्षीय युवक को सांप ने डसा

सागर के बंडा के धुरमार गांव में रहने वाले नारायण चौबे के 18 वर्षीय बेटे नमन चौबे को दो दिन पहले घर में ही सांप ने डस लिया था। सांप के डसने के बाद परिजन तुरंत नमन को बंडा अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन वहां इलाज में हालत में सुधार नहीं आया तो जिला अस्पताल सागर रेफर कर दिया गया। परिजन नमन को जिला अस्पताल सागर लेकर पहुंचे जहां उसका इलाज चल रहा है और हालत खतरे से बाहर बताई गई है।

जानी दुश्मन हैं सांप, 8 महीने में 4 बार डसा

नमन के साथ अस्पताल में मौजूद उसके चाचा प्रभुदयाल चौबे ने बताया कि नमन से न जाने सांपों की कौन सी दुश्मनी है कि बार-बार उसे डसते हैं। बीते 8 महीनों में ये चौथी बार है जब नमन को सांप ने डसा है। चाचा प्रभुदयाल ने बताया कि सबसे पहले पिछले साल नवंबर के महीने में स्कूल से आते वक्त नमन को सांप ने पहली बार डसा था। इसके 15-20 दिन बाद घर में सांप ने दोबारा डसा और फिर उसके 20-25 दिन बाद फिर से सांप ने नमन को डसा था। अब एक बार फिर घर में ही सांप ने नमन को डस लिया।

झाड़फूंक न फंसे, सीधे अस्पताल पहुंचे

नमन के चाचा प्रभुदयाल ने बताया कि जब भी नमन को सांप ने डसा तो हम झाड़फूंक के चक्कर में नहीं फंसे और सीधे अस्पताल लेकर पहुंचे। हर बार वक्त पर पहुंचने के कारण समय पर नमन को इलाज मिल सका और वो आज भी हमारे साथ है। उन्होंने आम लोगों से भी अपील की है कि जब भी किसी को सांप काटे तो अंधविश्वास के चलते झाड़फूंक में न फंसे और सीधे मरीज को अस्पताल लेकर आएं। अस्पताल लाने पर ही सर्पदंश के शिकार व्यक्ति को बचाया जा सकता है।

बारिश में बढ़ जाता है सर्पदंश का खतरा

बता दें कि बारिश का मौसम आते ही सर्पदंश की घटनाओं में तेजी से बढ़ोतरी होती है। बारिश होने पर बिलों में पानी भरने के कारण सांप बिलों से निकलकर सूखे और सुरक्षित स्थानों की तलाश में घरों में घुस जाते हैं और छिप जाते हैं, जिससे कि खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में बारिश के मौसम में ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत होती है।