MP News: बिजली कंपनी और नगर परिषद के बीच तनातनी, वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचा मामला, नगर परिषद शाहगढ़ पर बकाया है 9 लाख से ज्यादा का बिजली बिल।
MP News: मध्यप्रदेश के सागर जिले से दो विभागों के बीच तनातनी का अजीब मामला सामने आया है। मामला जिले के शाहगढ़ का है जहां बिजली कंपनी और नगर परिषद शाहगढ़ के बीच बिजली बिल के भुगतान को लेकर तनातनी हो गई। नगर परिषद शाहगढ़ पर पिछले 5 महीनों से बिजली कंपनी का 9 लाख 61 हजार रुपए का बिल बकाया था। इसी को लेकर बिजली कंपनी ने बिल भुगतान का आदेश थमाया तो नगर परिषद ने बदले में विभाग के दफ्तर के बाहर तीन ट्रॉली कचरा फिंकवा दिया। बताया जा रहा है कि सोमवार को बिजली कंपनी के अधिकारी ने परिषद के अधिकारी से बिजली बिल को लेकर बातचीत हुई थी, जो तीखी बहस में बदल गई थी। इसी से नाराज होकर बिजली कंपनी ने नगर परिषद की लाइट काट दी थी। इसके जवाब में नगर परिषद ने भी अगली सुबह बिजली कंपनी के गेट के बाहर कचरा डंप कर दिया।
यह मामला जितना गंभीर है, उतना ही रोचक भी है। बिजली विभाग ने इस बिल की वसूली के लिए नगर परिषद को नोटिस जारी किया था। जब बिल जमा नहीं हुआ, तो विभाग ने कार्रवाई करते हुए शहर की स्ट्रीट लाइट बंद कर दी थी। मंगलवार सुबह नगर परिषद के कर्मचारी ट्रॉली से कचरा लेकर बिजली कंपनी के कार्यालय पहुंचे। यहां मौजूद ऑपरेटर जितेंद्र विश्वकर्मा ने परिषद कर्मचारियों से बात की। जितेंद्र ने सोचा कि परिषद वाले कचरा उठाने के लिए आए हैं, तो वह कर्मचारियों से यह कहकर ऑफिस के अंदर चला गया कि परिसर में भी कचरा फैला हुआ है, वह भी उठा लें। जब थोड़ी देर बाद वापस आया, तो नपा के कर्मचारी गेट के सामने ही दो ट्रॉली कचरा फेंककर चले गए।
यह घटना मंगलवार सुबह की है। कचरा डंप होने के बाद इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो परिषद के कर्मचारियों ने एक और ट्रॉली कचरा भरकर बिजली कंपनी के गेट के बाहर डाल दिया। बिजली कंपनी के कर्मचारी दफ्तर पहुंचे, तो उन्होंने देखा कि तीन ट्रॉली कचरा फैला हुआ है, जिससे रास्ता पूरी तरह बंद हो चुका था और बदबू आ रही थी।
बिजली कंपनी के कनिष्ठ अभियंता रवि सोलंकी के अनुसार एक माह पहले में ही नगर परिषद को पत्र जारी किया गया था, जिसमें बताया गया था कि नगर परिषद की ओर से अवैध मोटर्स चलाई जा रहीं हैं। इसके बाद भी नगर परिषद की ओर से पत्र का कोई लिखित जवाब नहीं दिया। इधर कचरा फेंकने के बाद से परिषद के अधिकारी और कर्मचारी मोबाइल बंद कर गायब हो गए हैं। घटनाक्रम की शिकायत तहसीलदार जीसी राय के पास पहुंची। उन्होंने मौके का निरीक्षण किया और मामले की जांच शुरू की। तहसीलदार जीसी राय के मुताबिक जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उन्हें वरिष्ठ अधिकारियों के सामने प्रस्तुत किया जाएगा।