मृतका की पहचान राजकुमारी आदिवासी हाल निवासी बोदा पिपरिया थाना सानौधा के रूप में हुई है, जबकि घायल युवक जगदीश लोधी पिता गजराज लोधी 22 वर्ष देवलपानी चौकी बलेह थाना रहली का रहने वाला है।
सागर-दमोह रेलवे ट्रैक पर गिरवर और चांदवर गांव के पास शुक्रवार की सुबह जैसे ही युवती का अर्धनग्न अवस्था में शव दिखा तो रेलवे कर्मचारी हरकत में आ गए। उन्होंने तत्काल ही इसकी सूचना सानौधा पुलिस और आरपीएफ को दी। मौके पर पहुंचे सानौधा थाना के एएसआई शेष नारायण दुबे, आरपीएफ आरक्षक दिनेश यादव ने स्थानीय लोगों के साथ मिलकर रेलवे ट्रैक के आसपास पड़ताल शुरू की। जिस जगह पर युवती का शव मिला था, उससे करीब एक किलोमीटर दूर ट्रैक पर महिला की चप्पल, दुपट्टा, किसी पुरुष की चप्पल आदि दिखी। पुलिस ने आसपास सर्चिंग की तो एक युवक झाडिय़ों में खून से लथपथ मिला। पुलिस ने ग्रामीण लक्ष्मण कुर्मी, हरगोविंद प्रजापति की सहायता से उन्हें करीब एक किलोमीटर तक स्ट्रैचर से उठाकर डायल-112 तक पहुंचाया और फिर अस्पताल में भर्ती कराया। मृतका की पहचान राजकुमारी आदिवासी हाल निवासी बोदा पिपरिया थाना सानौधा के रूप में हुई है, जबकि घायल युवक जगदीश लोधी पिता गजराज लोधी 22 वर्ष देवलपानी चौकी बलेह थाना रहली का रहने वाला है। सानौधा पुलिस आशंका जता रही है कि दोनों युवक-युवती ने शायद प्रेम-प्रसंग के चलते आत्मघाती कदम उठाया हो। फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।
बताया जा रहा है कि मृतका राजकुमारी का परिवार कुछ समय पहले वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व से विस्थापित होकर सानौधा थाना के ग्राम बोदा पिपरिया आया था। घायल मिला युवक अब भी उसी गांव में रहता है। सानौधा थाना प्रभारी भरत सिंह ठाकुर ने बताया कि युवक-युवती के परिजनों को सूचना देने के बाद जांच शुरू कर दी है। घायल का अभी अस्पताल में इलाज चल रहा है, जल्द ही घटना की वजह सामने आ जाएगी।
रेलवे ट्रैक पर जब युवती का शव अर्धनग्न अवस्था में मिला तो रेलवे कर्मचारी ने मानवता का परिचय दिया। उसने अपनी शर्ट उतारकर महिला का शव ढक दिया। इधर गिरवर और परसोरिया के ग्रामीणों ने पुलिस का सहयोग किया और करीब एक किलोमीटर दूर तक रेलवे ट्रैक से शव डायल-112 तक पहुंचाने में मदद की।