
Congress MP Imran Masood Statement: कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने सहारनपुर से केंद्र सरकार और सत्ताधारी दल पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि विपक्ष ने उन्हें 12 साल की नींद से जगा दिया है और अब उन्हें सोने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने संसद में नियमों के अनुसार, बहस कराने और अपनी स्थगन प्रस्ताव स्वीकार करने की मांग दोहराई।
इमरान मसूद ने कहा कि हम चाहते थे कि कार्यवाही जारी रहे। हम चाहते थे कि नियमों के अनुसार बहस हो, जिसमें आप हमारे स्थगन प्रस्ताव को स्वीकार करके उस पर चर्चा कराते। हम यहां उनके भाषण सुनने नहीं आए हैं। संसद नियमों के अनुसार चलती है। हमने बार-बार आग्रह किया कि हमारे स्थगन प्रस्ताव को स्वीकार कर कार्यवाही जारी रखें… हमने उन्हें 12 साल की नींद से जगाया है; अब आपको सोने नहीं देंगे। अब जाग जाइए। उन्होंने स्पष्ट किया कि विपक्ष संसद को बाधित करने के लिए नहीं, बल्कि नियमों के तहत मुद्दों पर चर्चा के लिए आया है।
सहारनपुर में दिए गए बयान में मसूद ने सरकार पर बच्चों के खिलाफ बल प्रयोग का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि आपको शर्म आनी चाहिए। आप बच्चों पर लाठियां चला रहे हैं; बच्चों पर पैलेट गन चला रहे हैं। बिहार में आपकी सरकार बच्चों पर सीधे एके-47 चला रही है। आपको शर्म आनी चाहिए। आपने इस देश का क्या हाल कर दिया है। उन्होंने इन घटनाओं को लोकतंत्र और मानवाधिकारों का उल्लंघन बताया।
राम मंदिर दान मामले में चंपत राय और अनिल मिश्रा को एसआईटी द्वारा क्लीन चिट दिए जाने पर इमरान मसूद ने व्यंग्य किया। उन्होंने कहा कि उन्हें क्लीन चिट दी गई, हर चीज में उन्हें क्लीन चिट मिलनी ही थी। उनका इशारा सत्ता पक्ष के लोगों को आसानी से राहत मिलने की ओर था।
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा द्वारा विवाह जवाबदेही, बाल कल्याण और माता-पिता संरक्षण से जुड़े व्यापक सामाजिक कानून पैकेज की घोषणा पर मसूद ने सकारात्मक रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि यह अच्छा है, हर चीज का विरोध करने की जरूरत नहीं होती। वहीं, बाबा रामदेव द्वारा प्रदर्शनों में बच्चों के इस्तेमाल पर चिंता जताए जाने पर मसूद ने जवाब दिया, 'बाबाजी, आपका उद्योग अच्छी तरह चल रहा है। अपना उद्योग चलाइए। बच्चों को कहां छोड़ देंगे कि उनकी शिक्षा हो?' उन्होंने रामदेव को अपनी व्यावसायिक गतिविधियों पर ध्यान देने की सलाह दी।
दिल्ली में वंदे मातरम् विवाद पर बोलते हुए इमरान मसूद ने कहा कि गुरु रवींद्रनाथ टैगोर ने 1904 में इसे सौंपा था। यह हर कांग्रेस अधिवेशन में गाया जाता है। ये लोग (भाजपा) नई-नई वंदे मातरम् से प्यार करने लगे हैं। जब यह हुआ तो उन्होंने कभी वंदे मातरम् नहीं कहा और दूसरी बात, 52 साल तक उन्होंने तिरंगा नहीं फहराया। वे अपनी नाकामियों को वंदे मातरम् की आड़ में छिपाने की कोशिश कर रहे हैं। हम इसे खड़े होकर सम्मान दे रहे हैं।