सहारनपुर

केवल मुस्लिम ही नहीं, हिंदू धर्मगुरुओं से भी सहयोग मांगे प्रशासन: मौलाना मेहदी

अमन कायम के लिए प्रशासन को प्रयासों को सराहा दूसरे धर्म के गुरुओं और जिम्मेदारों से भी बैठक की दी सलाह
less than 1 minute read
20191105_182718.jpg

देवबंद. अयोध्या मामले में जल्द आने वाले फैसले के मद्देनजर प्रशासन द्वारा अमन कायम रखने को किए जा रहे प्रयासों की तंजीम-आबना-ए-मदारिस के संस्थापक मौलाना मेहदी हसन ऐनी कासमी ने सराहना की है। साथ ही यह भी कहा है कि प्रशासन को केवल मुस्लिम समुदाय से ही नहीं, बल्कि दूसरे समुदाय के लोगों के साथ भी बैठकें आदि कर उनसे भी शांति बनाए रखने की अपील करनी चाहिए।

मेहदी हसन ने कहा कि उलमा और मदरसों के जिम्मेदारों के साथ पुलिस प्रशासन के अधिकारियों द्वारा बैठक किया जाना एक अच्छा कदम है। इतना ही नहीं, उन्होंने कहा कि प्रशासन के उलेमा के निकट आने से दूरियां भी खत्म हो रही है, लेकिन केवल उलेमा के साथ बैठकें कर उनसे सौहार्द बनाने की अपील करने से समाज में गलत संदेश भी जा रहा है। ऐसा करने से यह आभास होता है कि मानों एक वर्ग ही माहौल बिगाडऩे का काम करता है।

इसलिए प्रशासन को चाहिए कि वह दूसरे धर्म के गुरुओं और जिम्मेदारों के साथ भी बैठकें कर उनसे भी अमनो-अमान बहाल रखने को सहयोग मांगे। ऐनी ने यह भी कहा कि प्रशासन को सोशल मीडिया पर जहरीले मैसेज करने वालों पर भी कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। साथ ही संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा बलों की तैनाती भी सुनिश्चित करानी चाहिए।

Published on:
05 Nov 2019 07:40 pm
Also Read
View All
Saharanpur News: इकलौते भाई का शव मिलते ही सुलग उठा देवबंद, 17 साल के शिवा की हत्या पर हाईवे पर बवाल, पुलिस का लाठीचार्ज!

Shayan Masood Samajwadi Party: लोकसभा में किया प्रचार, अब सपा में शामिल होने की चर्चा, विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस में बढ़ेगी टेंशन?

सहारनपुर पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट, मजदूरों के चीथड़े उड़े, मची अफरा-तफरी

सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में बनी मस्जिद पर चलेगा बुलडोजर: प्रशासन ने ठोका करोड़ों का हर्जाना, 30 दिन में खाली करने का आदेश

DM ऑफिस के अंदर कैसे बनी मस्जिद? कोर्ट ने अवैध माना, अब 30 दिन में हटाने का आदेश, जानिए 6.41 करोड़ का जुर्माना कैसे तय हुआ