सहारनपुर पुलिस ने दिल्ली-देहरादून हाईवे पर 'मुसलमानों के लिए रास्ता नहीं है' लिखने के आरोप में हिंदू रक्षा दल से जुड़ी दो महिलाओं और एक पुरुष को गिरफ्तार कर लिया है। जानें क्या है पूरा मामला...
सहारनपुर जिले के दिल्ली-देहरादून नेशनल हाईवे पर सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने के आरोप में पुलिस ने दो युवतियों और एक युवक को गिरफ्तार कर लिया है। इन पर आरोप है कि इन्होंने हाईवे की सुरक्षा दीवार पर एक विशेष समुदाय के खिलाफ आपत्तिजनक नारे लिखे थे।
बीती 26 फरवरी को सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ था। इस वीडियो में दिल्ली-देहरादून ग्रीन फील्ड नेशनल हाईवे के एलिवेटेड फ्लाईओवर पर दो महिलाएं स्प्रे पेंट से आपत्तिजनक लाइनें लिखती नजर आ रही थीं। उन्होंने दीवार पर लिखा था 'यह रोड मुसलमानों के लिए नहीं है।' ये महिलाएं हिंदू रक्षा दल की बताई जा रही थीं। इस घटना के बाद हिंदू रक्षा दल के अध्यक्ष पिंकी चौधरी ने भी वायरल वीडियो को सही बताते हुए कई तर्क दिए थे। पिंकी चौधरी ने कहा था कि ये जिहादी लोग हैं और ये टैक्स नहीं देते हैं। चौधरी ने दावा किया कि जो लोग टैक्स नहीं भरते उन्हें नेशनल हाईवे जैसे सार्वजनिक रास्तों का इस्तेमाल करने का कोई हक नहीं है।
वीडियो का संज्ञान लेते हुए सहारनपुर पुलिस एक्शन में आ गई। जांच के दौरान इस बात की पुष्टि हो गई थी कि इसके पीछे 'हिंदू रक्षा दल' से जुड़े लोग ही शामिल थे। पुलिस ने गुरुवार शाम को तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान देहरादून निवासी सुलेखा, शारदा और जितेंद्र राघव के रूप में हुई है।
घटना के बाद भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के एक कर्मचारी की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया। पुलिस को इस घटना की जानकारी मिलने पर थाना बिहारीगढ़ की टीम मौके पर पहुंची। सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के लिए पुलिस ने तुरंत उन आपत्तिजनक नारों पर काला पेंट फेरकर उन्हें मिटा दिया।
इस घटना को लेकर सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। कांग्रेस नेत्री सुप्रिया श्रीनेत ने भी इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने इस घटना महिलाओं और समाज के नाम पर कलंक बताया था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दंगा भड़काने की साजिश और शांति भंग करने की कोशिश के तहत इन पर सख्त कार्रवाई की जा रही है।