
Saharanpur FIR News:सहारनपुर के मिर्जापुर थाना क्षेत्र में एक महिला की शिकायत पर अदालत के आदेश के बाद पुलिस ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) के निर्देश पर मिर्जापुर थाने में तैनात एक सिपाही सहित छह लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है और जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पीड़िता ममता (39), जो मिर्जापुर थाना क्षेत्र के बादशाही बाग गांव की रहने वाली हैं, ने अदालत में दिए गए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया कि 2 मई 2026 को रवि, उसके पिता सतवीर, मां शकुंतला, भाई संजू और मामा अनिल ने उनके साथ मारपीट की। महिला का आरोप है कि विवाद के दौरान आरोपियों ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया, जातिसूचक शब्द कहे, मोबाइल फोन तोड़ दिया और कान से सोने की बाली भी छीन ली।
पीड़िता का कहना है कि घटना के बाद वह घायल हालत में मिर्जापुर थाने पहुंची, लेकिन वहां तैनात सिपाही विपिन गहलोत और एक महिला कांस्टेबल ने शिकायत दर्ज करने के बजाय उनके साथ अभद्र व्यवहार किया। शिकायत के अनुसार, सिपाही ने कथित तौर पर मेडिकल न कराने और कहीं भी रिपोर्ट दर्ज नहीं होने देने की धमकी दी। महिला का आरोप है कि पुलिस से मदद नहीं मिलने के कारण उसे न्याय के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाना पड़ा।
महिला ने दावा किया है कि उसने इस मामले की शिकायत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) से भी की थी, लेकिन जब कोई कार्रवाई नहीं हुई तो उसने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 173(4) के तहत मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में याचिका दायर की। अदालत ने मामले को गंभीर मानते हुए एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया।
अपनी शिकायत में महिला ने यह भी कहा है कि मुख्य आरोपी रवि पहले उसके साथ कथित दुष्कर्म के एक मामले में करीब एक वर्ष तक जेल में रह चुका है। महिला का आरोप है कि जेल से बाहर आने के बाद भी वह और उसके परिवार के लोग लगातार उसे परेशान कर रहे हैं।
सीजेएम के आदेश के बाद मिर्जापुर थाने में सिपाही विपिन गहलोत, रवि, सतवीर, शकुंतला, संजू और अनिल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस का कहना है कि फिलहाल सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अभी आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।