
देवबन्द। झारखंड के तबरेज अंसारी पर 17 जून को भीड़ ने हिंसा किया था। जिसके बाद उनकी मौत हो गई थी। इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया था। लेकिन अब पुलिसने सभी आरोपियों पर से हत्या की धारा हटा दी है। जिसके बाद से एक बार फिर मुद्दा गरम है। इस बीच जमीअत उलमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने भी न्याय की हत्या बताया।
जमीअत उलमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने भीड़ द्वारा की गई तबरेज अंसारी की हत्या के मामले में आरोपीतों से हत्या की धारा हटाये जाने को न्याय की हत्या बताया। मदनी ने कहा कि हिंदुस्तान हमेशा से शांति एकता और सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल रहा है, लेकिन अफसोस है कि नफरत और एक दूसरे को सहन न करने की खतरनाक सोच ने सब कुछ बदल कर रख दिया है। देश भर में धर्म आधारित उन्मादी भीड़ द्वारा हिंसा का सिलसिला जारी है जो भारत के माथे पर एक बदनुमा दाग है।
मदनी ने कहा कि ऐसा लगता है कि झारखंड में उन्मादी भीड़ की हिंसा की प्रयोगशाला बन चुकी है। प्रशासन उसे बढ़ावा दे रहा है। इसदौरान उन्होंने कहा कि जमीयत सुप्रीम कोर्ट में मुकदमे को किसी दूसरे राज्य में स्थानांतरित किए जाने को लेकर याचिका दाखिल करेगी। आपको बता दें कि करीब 4 महीने पूर्व हुई तवरेज अंसारी की हत्या के मामले में झारखंड पुलिस ने सभी आरोपियों से हत्या का धारा हटा दी है। पुलिस ने अदालत में बताया था कि तवरेज की हत्या भीड़ ने नहीं की बल्कि दिल का दौरा पड़ने पर हुई थी।