
देवबंद. अंडर ट्रेनिंग उपनिरीक्षक कुलदीप कुमार की संदिग्ध परस्थितियों में हुई मौत की जांच मेरठ ट्रांसफर होने के बाद रविवार को निरीक्षक प्रमोद गौतम के नेतृत्व में जांच टीम देवबंद पहुंची। टीम के साथ आए मृतक कुलदीप के परिजनों ने स्थानीय पुलिस की भूमिका और जांच पर गंभीर आरोप लगाए। वहीं मृतक कुलदीप की पत्नी शिल्पी ने रोते हुए कहा की जांच दल दलालों व चायवालों के बयान दर्ज कर रहा है। जबकि उनकी बात किसी स्तर पर नहीं सुनी जा रही है। जिस तरह जांच की जा रही है उन्हें नहीं लगता कि उन्हें इंसाफ मिल जाएगा।
जांच दल के साथ घटना स्थल पर पहुंची मृतक कुलदीप की पत्नी शिल्पी घटना स्थल पर टंगी अपने पति की वर्दी देख खुद को रोक नहीं पाई और वर्दी से लिपटते हुए फफक-फफककर रोने लगी। यह देख वहां मौके पर मौजूद सभी लोगों का दिल भर आया। वहीं मृतक दरोगा के पिता अशोक कुमार ने अपने बेटे के हत्यारोपी इंपेक्टर सिरोही को तुरंत गिरफ्तार कर जेल की सलाखों के पीछे पहुंचाने की अपील आलाधिकारियों से की।
बता दें की ट्रेनी उपनिरीक्षक कुलदीप की मौत के संबंध में देवबंद कोतवाली में तत्कालीन थाना प्रभारी अभिषेक सिरोही के खिलाफ धारा 302 में मुकदमा दर्ज है, लेकिन इसके बावजूद अधिकारियों की मेहरबानी के चलते अभिषेक सिरोही को सहारनपुर शहर के महत्वपूर्ण थाना कुतुबशेर की बागडोर सौंप दी गई है। इससे जिला सहारनपुर पुलिस सवालों के घेरे में है।