सम्भल

हिंदुओं की घटती जनसंख्या पर आचार्य प्रमोद कृष्णम् की चेतावनी, बोले- देश को फिर बंटवारे की ओर ले जा रहा जनसांख्यिकी असंतुलन

Sambhal News: आचार्य प्रमोद कृष्णम् ने संभल के श्री कल्कि धाम में सत्संग के दौरान हिंदुओं की घटती आबादी पर चिंता जताते हुए इसे देश की एकता के लिए गंभीर खतरा बताया और सरकारों से जनसांख्यिकी संतुलन पर ध्यान देने की अपील की।

2 min read
Jan 01, 2026
हिंदुओं की घटती जनसंख्या पर आचार्य प्रमोद कृष्णम् की चेतावनी | Image Source - X/@AcharyaPramodk

Acharya pramod krishnam sambhal: उत्तर प्रदेश के संभल जिले के थाना ऐंचौड़ा कम्बोह क्षेत्र स्थित श्री कल्कि धाम में गुरुवार को परंपरागत मासिक सत्संग का आयोजन किया गया। प्रत्येक माह के प्रथम दिवस पर होने वाले इस सत्संग में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान श्री कल्कि पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम् ने धार्मिक, सामाजिक और राष्ट्रीय मुद्दों पर विस्तार से अपने विचार रखे।

ये भी पढ़ें

बातों में खोईं दो बहनें, पल भर में उजड़ गया परिवार, ट्रेन से कटकर सगी बहनों का दर्दनाक अंत; गांव में मचा हाहाकार

हिंदुओं की घटती आबादी पर गहरी चिंता

सत्संग को संबोधित करते हुए आचार्य प्रमोद कृष्णम् ने संभल सहित देश के विभिन्न हिस्सों में हिंदुओं की घटती जनसंख्या पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि कई क्षेत्रों में जनसांख्यिकी संतुलन तेजी से बदल रहा है, जो भारत जैसे विविधता वाले देश के लिए एक बड़ा खतरा बनता जा रहा है।

देश को एक और बंटवारे की चेतावनी

आचार्य कृष्णम् ने कहा कि यदि समय रहते इस मुद्दे पर ध्यान नहीं दिया गया, तो भारत को एक और विभाजन जैसी स्थिति का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने इसे केवल धार्मिक नहीं, बल्कि राष्ट्रीय एकता और अखंडता से जुड़ा विषय बताया और केंद्र व राज्य सरकारों से तत्काल गंभीरता दिखाने की अपील की।

कई इलाकों में हिंदू अल्पसंख्यक बन चुके

उन्होंने कहा कि आज देश में अनेक ऐसे क्षेत्र हैं, जहां हिंदू समाज अल्पसंख्यक की स्थिति में पहुंच चुका है। आचार्य कृष्णम् के अनुसार यह स्थिति आने वाले समय में सामाजिक अस्थिरता और राष्ट्रीय चुनौतियों को जन्म दे सकती है, जिसे अनदेखा नहीं किया जाना चाहिए।

श्री कल्कि धाम को बताया आस्था का हिमालय

आचार्य प्रमोद कृष्णम् ने श्री कल्कि धाम को करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का हिमालय बताते हुए कहा कि यह धाम वर्षों तक सरकारों और अदालतों में चले संघर्ष का जीवंत प्रमाण है। उन्होंने कहा कि यह स्थान केवल एक धार्मिक केंद्र नहीं, बल्कि विश्वास और संकल्प का प्रतीक है।

प्रधानमंत्री के शिलान्यास से मिली नई ऊर्जा

उन्होंने बताया कि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने कर कमलों से श्री कल्कि धाम का शिलान्यास किया, तो यह क्षण उनके जीवन की सबसे बड़ी आध्यात्मिक उपलब्धियों में से एक था। इस घटना से उनके संकल्प को नई शक्ति मिली और निर्माण कार्य को गति मिली।

देशव्यापी अभियान की घोषणा

आचार्य कृष्णम् ने घोषणा की कि श्री कल्कि नारायण को समर्पित इस धाम के निर्माण के लिए पूरे देश में व्यापक अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह विश्व का एकमात्र ऐसा धाम होगा, जहां भगवान विष्णु के समस्त पूर्वावतारों के दर्शन एक ही परिसर में संभव होंगे, और इसे असंख्य कल्कि भक्तों के जीवन का परम लक्ष्य बताया।

Also Read
View All

अगली खबर