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किसानों के मंच से चुनावी बिगुल: संभल में बोले डीपी यादव- राजनीति दुश्मनी नहीं, सेवा का माध्यम!

Sambhal News: संभल में आयोजित किसान गोष्ठी के दौरान पूर्व सांसद डीपी यादव ने 2027 विधानसभा चुनाव लड़ने का ऐलान किया है।
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Feb 28, 2026
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संभल में बोले डीपी यादव- राजनीति दुश्मनी नहीं, सेवा का माध्यम!

DP yadav 2027 assembly election: संभल के पूर्व सांसद व पूर्व मंत्री डीपी यादव ने 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले अपनी सक्रिय राजनीतिक भूमिका का स्पष्ट संकेत दे दिया है। शनिवार को संभल जिले की गुन्नौर तहसील स्थित धनारी फार्म हाउस पर आयोजित किसान गोष्ठी के माध्यम से उन्होंने बदायूं और संभल क्षेत्र के कार्यकर्ताओं व समर्थकों को एक मंच पर एकत्र कर शक्ति प्रदर्शन किया।

राष्ट्रीय परिवर्तन दल का अभियान

कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय परिवर्तन दल के संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम उठाए गए। गगन यादव को पार्टी का युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया गया। डीपी यादव ने कहा कि पार्टी अब नए जन-जागरण अभियान के साथ गांव-गांव और हर वर्ग तक पहुंचेगी, ताकि संगठन को जमीनी स्तर पर और अधिक सशक्त किया जा सके।

2027 विधानसभा और पंचायत चुनाव की रणनीति

डीपी यादव ने स्पष्ट किया कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनावों के साथ-साथ त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों में भी पार्टी सैकड़ों प्रत्याशी उतारेगी। उन्होंने बताया कि गठबंधन या अकेले चुनाव लड़ने का अंतिम निर्णय पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी समय आने पर लेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी का उद्देश्य केवल चुनाव लड़ना नहीं, बल्कि जनता के मुद्दों को मजबूती से उठाना है।

जनता जहां कहेगी, वहीं से लड़ेंगे चुनाव

डीपी यादव ने अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर साफ कहा कि वे उसी विधानसभा सीट से चुनाव लड़ेंगे, जहां से पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी और जनता उन्हें जिम्मेदारी सौंपेगी। उन्होंने दो टूक कहा कि उन्होंने कभी जनता की इच्छा के खिलाफ जाकर राजनीति नहीं की और आगे भी ऐसा कोई इरादा नहीं है। उनके मुताबिक राजनीति में टिके रहने के लिए जनता का विश्वास सबसे बड़ी पूंजी है।

राजनीति से दूर नहीं, लगातार सक्रिय रहने का दावा

डीपी यादव ने यह भी स्पष्ट किया कि वे कभी राजनीति से बाहर नहीं रहे। उनके ब्लॉक प्रमुख, ग्राम प्रधान और जिला पंचायत सदस्य आज भी क्षेत्र में सक्रिय हैं और जनसमस्याओं को उठाते रहे हैं। उन्होंने कहा कि भले ही वे सुर्खियों में कम रहे हों, लेकिन संगठनात्मक स्तर पर उनकी मौजूदगी लगातार बनी रही है।

भेदभाव के खिलाफ अभियान

अपने संबोधन में डीपी यादव ने समाज में बढ़ती गैर-बराबरी, आपसी नफरत और एक-दूसरे को नीचा दिखाने की राजनीति पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि समाज को तोड़ने वाली प्रवृत्तियां देश की संस्कृति के खिलाफ हैं। उनका अभियान किसानों और मजदूरों की बेहतरी, युवाओं के लिए रोजगार, बच्चों को बेहतर शिक्षा और भेदभाव खत्म कर समतामूलक समाज बनाने पर केंद्रित रहेगा।

महापुरुषों और धर्मगुरुओं पर राजनीति नहीं

डीपी यादव ने कहा कि महापुरुषों और धर्मगुरुओं के नाम पर राजनीति करना या शक्ति का दुरुपयोग करना उचित नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि गलत कार्यों पर कार्रवाई जरूर होनी चाहिए, लेकिन सही और गलत का निर्णय उचित मंच और कानूनी प्रक्रिया के तहत ही होना चाहिए।

समाज को जोड़ने की अपील

डीपी यादव की निजी जिंदगी से जुड़े पुराने विवादों पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि किसी भी घटना को जातीय स्वाभिमान से जोड़कर समाज को तोड़ने का प्रयास नहीं होना चाहिए। उनका मानना है कि समाज को जोड़ने और आपसी भाईचारे को बढ़ाने का काम हर स्तर पर किया जाना चाहिए, ताकि सामाजिक सौहार्द बना रहे।

किसी दल से दुश्मनी नहीं, सब से संवाद

PDA जैसे राजनीतिक मुद्दों पर सवाल के जवाब में डीपी यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी समेत सभी दल अपनी विचारधारा के अनुसार राजनीति करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उनके रिश्ते सभी दलों के नेताओं से संवाद पर आधारित हैं, चाहे वह शिवपाल यादव, अखिलेश यादव, बीजेपी के नेता हों या मायावती। उनके अनुसार राजनीति दुश्मनी का मैदान नहीं, बल्कि संवाद और समाधान का माध्यम है।

Updated on:
28 Feb 2026 08:45 pm
Published on:
28 Feb 2026 08:45 pm
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