सम्भल

Sambhal: डीपी यादव का बड़ा दांव, महिला आरक्षण को दिया साथ, शिक्षा के लिए भी मांगी हिस्सेदारी

Sambhal News: संभल में पूर्व मंत्री डीपी यादव ने महिला आरक्षण का समर्थन करते हुए गरीब और पिछड़े वर्ग की महिलाओं के लिए अलग कोटा की मांग उठाई।

2 min read
Apr 17, 2026
Sambhal: डीपी यादव का बड़ा दांव..

Women Reservation News Sambhal: संभल में राष्ट्रीय परिवर्तन दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मंत्री डीपी यादव ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए आगामी जिला पंचायत, ग्राम पंचायत और 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए पूरी ताकत के साथ जुटने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि संगठन की मजबूती ही चुनावी सफलता की कुंजी है। इस दौरान उन्होंने नोएडा में हुई श्रमिकों की हिंसा की कड़ी निंदा करते हुए स्पष्ट कहा कि समाज में किसी भी प्रकार की हिंसा के लिए कोई स्थान नहीं होना चाहिए और कानून व्यवस्था सर्वोपरि है।

ये भी पढ़ें

रफ्तार का कहर: हापुड़ में बेकाबू कार ने महिलाओं को कुचला, चीख-पुकार के बीच तीन ने तोड़ा दम

कार्यालय उद्घाटन में दिखा कार्यकर्ताओं का उत्साह

शुक्रवार शाम करीब 4 बजे संभल कोतवाली क्षेत्र के आदमपुर बस अड्डा स्थित नए कार्यालय का उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखने को मिला। डीपी यादव का पुष्पवर्षा के साथ स्वागत किया गया और उन्हें राधाकृष्ण की पेंटिंग भेंट की गई।

महिला आरक्षण पर समर्थन

महिला आरक्षण बिल पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए डीपी यादव ने इसे सरकार का सकारात्मक कदम बताया। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि इस आरक्षण के साथ-साथ गरीब और पिछड़े वर्ग की महिलाओं के लिए अलग से कोटा सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उनका मानना है कि इन वर्गों की महिलाओं को शिक्षा और रोजगार के अवसर कम मिलते हैं, इसलिए उन्हें विशेष प्राथमिकता देना जरूरी है, ताकि वास्तविक सामाजिक संतुलन स्थापित किया जा सके।

शिक्षा को बताया सबसे प्रभावी उपाय

आरक्षण के मुद्दे पर अपनी बात रखते हुए उन्होंने कहा कि यदि सरकार सभी महिलाओं और लड़कियों को निशुल्क और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराए, तो यह समाज के लिए कहीं अधिक प्रभावी साबित होगा। उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा ही वह आधार है जो महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाती है और उन्हें समाज में बराबरी का अधिकार दिलाती है।

मायावती के बयान पर दिया संतुलित जवाब

बसपा सुप्रीमो मायावती के ‘नीला गमछा डालने वाला दलितों का हितैषी नहीं हो सकता’ वाले बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए डीपी यादव ने संतुलित रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि यह अलग-अलग राजनीतिक दलों के विचार हो सकते हैं और वह इस पर कोई सीधी टिप्पणी नहीं करना चाहते।

कपड़ों से नहीं, सोच से होती है भलाई

अपने बयान में उन्होंने एक अहम संदेश देते हुए कहा कि किसी व्यक्ति की भलाई उसके कपड़ों से नहीं आंकी जा सकती। उन्होंने कहा कि “एक नंगा बदन आदमी भी हितैषी हो सकता है”, जिसका आशय यह है कि इंसान की सोच और कर्म ही उसकी पहचान होते हैं, न कि उसका बाहरी पहनावा।

संभल से जुड़ाव और विकास का वादा

अंत में डीपी यादव ने संभल को अपनी पहचान बताते हुए कहा कि यह उनका अपना शहर है और वे यहां के लोगों के सुख-दुख में हमेशा शामिल होते रहे हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भविष्य में भी वे क्षेत्र के लोगों को बेहतर शिक्षा, रोजगार और खुशहाल जीवन देने के लिए निरंतर प्रयास करते रहेंगे।

Also Read
View All