Sambhal News: यूपी के संभल हत्याकांड में पति राहुल की हत्या के आरोप में जेल में बंद रूबी प्रेमी गौरव से मिलने की जिद कर रही है, जबकि गौरव अपने किए पर पछताते हुए जमानत को लेकर चिंतित नजर आ रहा है।
Husband murder jail story Sambhal: संभल के चंदौसी में पति राहुल की नृशंस हत्या के आरोप में जेल भेजी गई रूबी अब जेल में आम महिला बंदियों की तरह व्यवहार कर रही है। शुरुआती दिनों में गुमसुम और बेहद परेशान दिखने वाली रूबी अब अन्य महिला कैदियों से खुलकर बातचीत कर रही है। जेल प्रशासन के अनुसार, वह अब पूरी तरह सामान्य दिनचर्या में ढल चुकी है और कभी-कभी हंसी-मजाक भी करती नजर आती है।
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जेल सूत्रों के मुताबिक, रूबी जब भी किसी जेल अधिकारी को देखती है तो वह अपने प्रेमी गौरव से मिलने की बात कहती है। वह लगातार अधिकारियों से गुहार लगा रही है कि उसे एक बार गौरव से मिलने दिया जाए। हैरानी की बात यह है कि अभी तक उससे मिलने के लिए न तो परिवार का कोई सदस्य पहुंचा है और न ही कोई करीबी।
वहीं दूसरी ओर, इस हत्याकांड में रूबी का प्रेमी गौरव जेल पहुंचने के बाद से ही बेहद चिंतित और सहमा हुआ है। जेल में दाखिल होते ही उसने एक अधिकारी से यह सवाल किया कि क्या कभी उसकी जमानत हो पाएगी। अब वह साथी बंदियों से बार-बार यही कहता सुनाई देता है कि उससे बहुत बड़ी गलती हो गई है और किसी भी तरह उसे जमानत चाहिए।
जेल अधिकारियों के अनुसार, गौरव अन्य बंदियों से बहुत कम बातचीत करता है। वह ज्यादातर समय चुपचाप रहता है और अपने किए पर पछताता नजर आता है। उसकी पूरी चिंता इस बात को लेकर है कि उसे जमानत कब और कैसे मिलेगी।
पूरा मामला 15 दिसंबर का है, जब चंदौसी नगर से सटे पत्रुआ गांव के नाले में एक क्षत-विक्षत और सड़ी-गली हालत में शव बरामद हुआ था। शव के सिर और हाथ-पैर गायब थे, जिससे पहचान कर पाना बेहद मुश्किल हो गया था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की।
दो दिन बाद शव के कटे हुए एक हाथ पर ‘राहुल’ नाम गुदा हुआ मिला, जिससे मृतक की पहचान की दिशा में अहम सुराग हाथ लगा। इसी कड़ी में जांच आगे बढ़ी तो पता चला कि चुन्नी मोहल्ला निवासी रूबी ने करीब एक माह पहले अपने पति राहुल की गुमशुदगी दर्ज कराई थी।
पुलिस जांच में सामने आया कि रूबी के अपने मोहल्ले के ही युवक गौरव से अवैध संबंध थे, जिसका राहुल लगातार विरोध करता था। 18 नवंबर को राहुल ने दोनों को आपत्तिजनक हालत में देख लिया था, जिसके बाद उसने मारपीट की और समाज में बदनाम करने की धमकी दी थी।
इसी घटना से आक्रोशित होकर रूबी और गौरव ने राहुल को रास्ते से हटाने की साजिश रची। दोनों ने मिलकर राहुल पर हमला किया और उसकी हत्या कर दी। वारदात को छिपाने के लिए शव के टुकड़े करने का फैसला लिया गया।
हत्या के बाद गौरव ने 19 नवंबर को बाजार से ग्लाइंडर खरीदा, जबकि रूबी पॉलीथिन के बैग लेकर आई। दोनों ने मिलकर शव के सिर और हाथ-पैर अलग किए और उन्हें पॉलीथिन में भरकर गंगा में फेंक दिया।
शव का धड़ पत्रुआ गांव के नाले में फेंक दिया गया, जिसे पुलिस ने बरामद कर लिया। हालांकि सिर और हाथ-पैर गंगा में बह जाने के कारण अब तक बरामद नहीं हो सके हैं।
पुलिस ने साक्ष्यों के आधार पर 22 दिसंबर को मृतक की पत्नी रूबी और उसके प्रेमी गौरव को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पहले दिन जेल में रूबी ने किसी से बात नहीं की और पूरी रात जागकर गुजारी थी।
जेल अधीक्षक आलोक कुमार सिंह के अनुसार, एक-दो दिन बाद रूबी का व्यवहार पूरी तरह बदल गया। अब वह अन्य महिला बंदियों की तरह खाना खा रही है, बातचीत कर रही है और सामान्य दिनचर्या में रह रही है। वहीं गौरव अपने अपराध को लेकर लगातार पछतावे में डूबा हुआ है।