Sambhal News: संभल के आञ्जनेय धाम में हनुमान जन्मोत्सव के अवसर पर 51 फीट ऊंची भगवान हनुमान की प्रतिमा स्थापित करने के लिए भव्य भूमि पूजन किया गया।
51 Feet Hanuman Statue Sambhal: संभल जिले में धार्मिक आस्था को एक नई पहचान मिलने जा रही है। मेरठ-बदायूं स्टेट हाईवे पर स्थित आञ्जनेय धाम में हनुमान जन्मोत्सव के पावन अवसर पर 51 फीट ऊंची भगवान हनुमान की विशाल प्रतिमा स्थापित करने के लिए विधिवत भूमि पूजन किया गया। इस दौरान पूरे क्षेत्र में भक्ति और उत्साह का माहौल देखने को मिला, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बने।
गुरुवार को नगर पंचायत गुन्नौर क्षेत्र में स्थित आञ्जनेय धाम परिसर में धार्मिक अनुष्ठानों के साथ इस महत्वाकांक्षी परियोजना की शुरुआत हुई। वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच भूमि पूजन संपन्न हुआ, जिसमें मुख्य यजमान के रूप में जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया, बदायूं के बीजेपी सदर विधायक महेश चंद्र गुप्ता, पूर्व मंत्री अजीत कुमार उर्फ राजू यादव, चेयरमैन हर्षवर्धन वार्ष्णेय और भूमि दानदाता देवदत्त शर्मा शामिल रहे।
कार्यक्रम के दौरान विधि-विधान के साथ शिलान्यास पट्ट का अनावरण भी किया गया। इस अवसर पर धार्मिक परंपराओं का पूर्ण पालन करते हुए पूजा-अर्चना की गई, जिससे पूरे वातावरण में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हुआ। कार्यक्रम सुबह करीब 10 बजे शुरू हुआ और लगभग डेढ़ घंटे तक चला, जिसमें हर चरण को सावधानीपूर्वक संपन्न किया गया।
आञ्जनेय धाम का निर्माण स्वर्गीय डॉ. देवकी नंदन शर्मा की स्मृति में कराया जा रहा है। इस अवसर पर उनकी पत्नी इंद्रवती शर्मा भी कार्यक्रम में उपस्थित रहीं और उन्होंने इस भावनात्मक पहल को श्रद्धांजलि के रूप में देखा। यह धाम आने वाले समय में श्रद्धालुओं के लिए एक प्रमुख आस्था केंद्र के रूप में विकसित होने की उम्मीद है।
इस भव्य आयोजन में प्रशासनिक और सामाजिक क्षेत्र के कई प्रमुख लोग भी मौजूद रहे। एसडीएम अवधेश कुमार वर्मा, नायब तहसीलदार अनुज कुमार समेत शारदा शर्मा, सुषमा शर्मा, नेक सिंह कुशवाहा, जयपाल गुप्ता, केवी यादव, रितेश कुशवाहा और सौमित्र कांत सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने कार्यक्रम में भाग लिया। सभी ने इस परियोजना को संभल के धार्मिक और सांस्कृतिक विकास की दिशा में एक बड़ा कदम बताया।
आयोजकों के अनुसार, 51 फीट ऊंची हनुमान प्रतिमा की स्थापना के बाद आञ्जनेय धाम न केवल स्थानीय श्रद्धालुओं बल्कि दूर-दराज से आने वाले भक्तों के लिए भी एक प्रमुख धार्मिक स्थल के रूप में विकसित होगा। इससे क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ स्थानीय व्यापार और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने भरोसा जताया कि यह परियोजना संभल को आस्था और सांस्कृतिक पहचान के नए मानचित्र पर स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।