
Communal riots movie amit jani filming details Sambhal: ‘उदयपुर फाइल्स’ से चर्चा में आए फिल्म निर्माता अमित जानी ने नई फिल्म के ऐलान के साथ मीडिया के सामने बयान दिया। उन्होंने कहा कि उनकी अगली फिल्म ‘संभल फाइल्स’ होगी, जो संभल में 1973, 1976 और 1978 में हुए दंगों की परतों को उजागर करेगी। रविवार को अमित जानी नैमिषारण्य क्षेमनाथ तीर्थ मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने दर्शन किए और मंदिर के महंत बाल योगी दीनानाथ ने उनका स्वागत किया। इस दौरान श्रीकल्कि धाम के पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम् ने भी लोगों से संवाद किया।
अमित जानी ने साफ कहा कि “धमकियां मुझे भी मिल रही हैं, लेकिन डरकर घर बैठने वाले नहीं हैं। जहाँ 15% आबादी है, वहां भी जाएंगे, और जहां 2% हिन्दू हैं, वहां भी।” उन्होंने यह भी बताया कि संभल फाइल्स की स्क्रिप्टिंग पहले ही शुरू हो चुकी है और शूटिंग संभल में ही होगी। फिल्म का नाम पोस्टर रिलीज के समय ही सामने आएगा।
अमित जानी ने कहा, “संभल में हुआ वही जो कश्मीर और बंगाल में हुआ - बिना वजह, बिना कारण। अब इन परतों को सबके सामने लाया जाएगा।” उन्होंने सवाल उठाया कि डेमोग्राफी क्यों बदल जाती है और किस वजह से लोग हिंसा करते हैं। उनका कहना है कि इस फिल्म का मकसद सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि सच सामने लाना है।
फिल्म निर्माता ने यह भी बताया कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा स्टे हटाने के बाद ‘उदयपुर फाइल्स’ पूरी दुनिया में रिलीज हो चुकी है UK, US, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया में। साथ ही यह फिल्म अब OTT प्लेटफॉर्म पर 3-4 दिन में उपलब्ध होगी। अमित जानी ने कहा कि उदयपुर की कहानी सिर्फ एक शहर तक सीमित नहीं थी, बल्कि यह पूरे देश की एक चेतावनी है।
अमित जानी ने संभल में बनाए जाने वाले कल्कि धाम की सुरक्षा पर चिंता जताई। उनका कहना था कि “जहाँ भगवान अवतार लेने वाले हैं, वहाँ डेमोग्राफी बदलती जा रही है और सुरक्षा की कमी है। प्रशासन की पर्याप्त तैनाती क्यों नहीं है?” उन्होंने कहा कि मंदिर की नींव पर बम की आशंका भी जताई जा रही है।
अमित जानी ने दो टूक कहा, “धमकियाँ मिलेंगी ही, लेकिन अब चुप नहीं बैठेंगे। घर पर बैठकर क्या करेंगे? घूमना पड़ेगा और बताना पड़ेगा कि किस शहर की पहचान मिटाई गई।” उन्होंने स्पष्ट किया कि फिल्म का मकसद सिर्फ कहानी सुनाना नहीं, बल्कि इतिहास की सच्चाई सामने लाना है।
‘संभल फाइल्स’ की स्क्रिप्टिंग और शूटिंग की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। अमित जानी ने कहा कि संभल को सिर्फ फिल्म का विषय नहीं बनाना है, बल्कि यह दिखाना है कि वहां क्या हुआ था। जो लोग इस इतिहास को भूल गए हैं, वे अब परत-दर-परत इस सच्चाई को देखेंगे।