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संभल में आवारा कुत्तों-बंदरों का आतंक, भीषण गर्मी से जानवर हुए आक्रामक; 20 दिन में 165 लोग अस्पताल पहुंचे

Sambhal News: संभल में भीषण गर्मी के कारण आवारा कुत्तों और बंदरों का व्यवहार आक्रामक हो गया है, जिससे हमलों के मामले तेजी से बढ़े हैं। जिला अस्पताल में 20 दिनों में 165 मरीजों का इलाज किया गया है।
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May 24, 2026
sambhal dog monkey bite cases
संभल में आवारा कुत्तों-बंदरों का आतंक

Dog Monkey Bite Cases: उत्तर प्रदेश के संभल में भीषण गर्मी का असर अब इंसानों के साथ-साथ जानवरों के व्यवहार पर भी दिखाई देने लगा है। जिले में आवारा कुत्तों और बंदरों के हमलों के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, जिससे लोगों में डर का माहौल बना हुआ है। जिला संयुक्त चिकित्सालय में पिछले 20 दिनों के भीतर बड़ी संख्या में लोग इलाज के लिए पहुंचे हैं। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि तेज गर्मी के कारण जानवरों में चिड़चिड़ापन और आक्रामकता बढ़ गई है, जिसकी वजह से सड़क पर घूमने वाले कुत्ते और बंदर लोगों पर हमला कर रहे हैं।

अस्पताल में लगातार बढ़ रहे एंटी रेबीज के मरीज

जिला संयुक्त चिकित्सालय के CMS डॉ. राजेंद्र सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि 1 मई से 20 मई के बीच कुल 165 मरीजों का इलाज किया गया, जिनमें बंदर और कुत्तों के काटने के मामले शामिल हैं। इन मरीजों को कुल 305 डोज दी गईं, जिनमें 20 डोज एंटीसीरम की भी शामिल हैं। अस्पताल प्रशासन के अनुसार पिछले कुछ दिनों में मरीजों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी देखी गई है। डॉक्टरों का कहना है कि गर्मी के मौसम में जानवर अधिक उत्तेजित हो जाते हैं, जिससे उनके हमलावर होने की संभावना बढ़ जाती है।

लोगों को सतर्क रहने की दी जा रही सलाह

अस्पताल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। डॉक्टरों का कहना है कि सड़क पर घूम रहे जानवरों से दूरी बनाए रखें और यदि किसी क्षेत्र में आवारा कुत्तों का झुंड दिखाई दे तो वहां अकेले जाने से बचें। सुरक्षा के लिए हाथ में डंडा रखने की सलाह भी दी गई है, ताकि किसी अप्रिय स्थिति में बचाव किया जा सके। बच्चों को विशेष रूप से अकेले बाहर न भेजने की सलाह दी गई है क्योंकि कुत्ते और बंदर अक्सर छोटे बच्चों को आसानी से निशाना बना लेते हैं।

नगर निगम को भेजा गया पत्र

जिला अस्पताल प्रशासन ने बढ़ती घटनाओं को देखते हुए नगर निगम को पत्र लिखकर अस्पताल परिसर और आसपास घूम रहे आवारा कुत्तों को पकड़ने की मांग की है। अस्पताल में आने वाले मरीजों और तीमारदारों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई गई है। अधिकारियों का कहना है कि यदि समय रहते इन जानवरों को नियंत्रित नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में घटनाएं और बढ़ सकती हैं। वहीं स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग की है ताकि शहर में बढ़ रहे इस खतरे पर काबू पाया जा सके।

Updated on:
24 May 2026 02:19 pm
Published on:
24 May 2026 02:19 pm