Sambhal News: संभल जिले में सरकारी जमीन पर बने अवैध मदरसा और मकान के खिलाफ प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। राजस्व विभाग की पैमाइश में लगभग 2 बीघा भूमि पर कब्जा पाए जाने के बाद नोटिस जारी कर ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
Illegal construction bulldozer action Sambhal: उत्तर प्रदेश के संभल जिले में सरकारी जमीनों को कब्जा मुक्त कराने का अभियान लगातार रफ्तार पकड़ रहा है। प्रशासन ने एक बार फिर अवैध निर्माण पर कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। राजस्व विभाग की जांच में हजरतनगर गढ़ी क्षेत्र में एक मदरसा और एक मकान सरकारी भूमि पर बने पाए गए हैं, जिसके बाद इन्हें हटाने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी तरह का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और कानून के तहत कठोर कदम उठाए जाएंगे।
शनिवार को राजस्व विभाग की टीम ने मदरसा रोड पर पहुंचकर विस्तृत पैमाइश की। जांच के दौरान गाटा संख्या 722 और 723 के अंतर्गत आने वाली लगभग 1.05 हेक्टेयर जमीन पर अवैध निर्माण की पुष्टि हुई। टीम ने मौके पर सात कमरों और एक बड़े हॉल वाले मदरसा भवन के साथ-साथ एक मकान को भी सरकारी सीमा में स्थित पाया। अधिकारियों ने भूमि की सीमाओं को चिन्हित कर दस्तावेजों से मिलान किया, जिससे अवैध कब्जे की स्थिति स्पष्ट हो गई।
प्रशासनिक रिपोर्ट के अनुसार, नूर मोहम्मद और राशिद द्वारा किए गए निर्माण सरकारी भूमि की सीमा के भीतर आंशिक रूप से पाए गए हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि यह जमीन खाद के गड्ढे और पौधरोपण के लिए दर्ज भूमि की श्रेणी में आती है। अधिकारियों ने सभी निर्माणों का नक्शा तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है ताकि यह तय किया जा सके कि कितना हिस्सा अवैध रूप से कब्जे में है और किन हिस्सों पर कार्रवाई की जानी है।
नायब तहसीलदार बबलू कुमार ने बताया कि तहसीलदार न्यायालय के माध्यम से सभी संबंधित कब्जाधारकों को नोटिस भेजे जाएंगे। नोटिस के बाद उनका पक्ष सुना जाएगा और नियमानुसार बेदखली की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। उन्होंने कहा कि पूरी कार्रवाई पारदर्शी और कानून के दायरे में रहकर की जाएगी ताकि किसी प्रकार की आपत्ति की गुंजाइश न रहे।
पैमाइश और चिन्हांकन के दौरान कानूनगो रजनीश कुमार, हल्का लेखपाल अमोद कुमार समेत कई राजस्व कर्मी मौके पर मौजूद रहे। किसी भी तरह की अव्यवस्था से निपटने के लिए थाना हजरतनगर गढ़ी की पुलिस फोर्स भी तैनात की गई थी। प्रशासन ने साफ किया है कि अभियान आगे भी जारी रहेगा और सरकारी जमीन पर किए गए सभी अवैध कब्जों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।