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Sambhal News: संभल में अवैध मदरसा-मस्जिद को लोगों ने खुद ही तोड़ा, 3.5 बीघा जमीन होगी कब्जा मुक्त

Sambhal News: संभल में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जों के खिलाफ कार्रवाई से पहले मुस्लिम समुदाय ने खुद आगे बढ़कर मदरसा और मस्जिद को तोड़ना शुरू कर दिया।
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Mar 29, 2026
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संभल में अवैध मदरसा-मस्जिद को लोगों ने खुद ही तोड़ा..

Sambhal News Today Hindi: संभल जिले में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जों के खिलाफ प्रशासन की सख्ती से पहले ही एक अनोखी तस्वीर सामने आई है, जहां मुस्लिम समुदाय के लोगों ने खुद आगे बढ़कर अवैध मदरसा और मस्जिद को तोड़ना शुरू कर दिया। यह मामला असमोली थाना क्षेत्र के मुबारकपुर बंद गांव का है, जहां करीब साढ़े तीन बीघा ग्राम समाज की भूमि पर 16 अवैध निर्माण पाए गए थे। इनमें मदरसा, मस्जिद, दो स्कूल और कई मकान-दुकानें शामिल थीं।

मुतव्वली की मौजूदगी में शुरू हुआ ध्वस्तीकरण कार्य

रविवार को मस्जिद के मुतव्वली नुसरत अली की मौजूदगी में मदरसा गौसुल उलूम और उससे जुड़ी मस्जिद को हटाने का काम शुरू किया गया। स्थानीय लोगों ने खुद ही निर्माण तोड़ने का निर्णय लिया ताकि प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान होने वाले भारी नुकसान से बचा जा सके। मुतव्वली ने बताया कि प्रशासन द्वारा की गई पैमाइश के बाद यह साफ हो गया था कि पूरी जमीन सरकारी है, इसलिए समुदाय ने स्वेच्छा से यह कदम उठाया।

सरकारी जमीन पर फैला था अवैध निर्माण का जाल

बताया गया कि मस्जिद करीब एक बीघा जमीन पर बनी थी, जबकि शेष हिस्से में मदरसा संचालित हो रहा था। इसके अलावा आसपास सरकारी भूमि पर कई दुकानें और मकान भी बने हुए थे। यह निर्माण वर्षों से बिना वैध अनुमति के खड़े थे, जिससे ग्राम समाज की जमीन पर कब्जा बना हुआ था।

राजस्व टीम ने नक्शे के आधार पर की सटीक पैमाइश

राजस्व प्रशासन की टीम शनिवार को पुलिस बल के साथ गांव पहुंची और नक्शे के आधार पर पूरे क्षेत्र की पैमाइश की। दोपहर 12 बजे शुरू हुई यह कार्रवाई शाम 5 बजे तक चली, जिसमें गाटा संख्या 623 और 630 की जमीन को चिन्हित किया गया। यह भूमि क्रमशः खाद के गड्ढे और खेल मैदान के रूप में दर्ज है।

निर्माण विवाद ने प्रशासन को कार्रवाई के लिए किया मजबूर

करीब 30 साल पहले बने इस मदरसे और मस्जिद को लेकर हाल ही में विवाद भी सामने आया था। मदरसे की ऊपरी मंजिल के निर्माण के दौरान दीवारों में खिड़कियां लगाने पर आसपास के लोगों ने आपत्ति जताई थी और प्रशासन से शिकायत की थी। इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने जांच और पैमाइश की प्रक्रिया शुरू की।

पंचायत के फैसले ने बदल दी पूरी स्थिति

बुधवार रात गांव में हुई पंचायत में ग्रामीणों ने एक बड़ा फैसला लिया। उन्होंने तय किया कि यदि प्रशासन बुलडोजर चलाएगा तो भारी नुकसान होगा, इसलिए बेहतर होगा कि लोग खुद ही अवैध निर्माण हटा दें। इसी निर्णय के बाद गुरुवार से मदरसा और मस्जिद को तोड़ने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई।

कार्रवाई अंतिम चरण में

जिलाधिकारी के निर्देश पर तहसीलदार के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया था, जिसमें राजस्व निरीक्षक और कई लेखपाल शामिल थे। इस टीम को ग्राम समाज की जमीन का सीमांकन कर उसे कब्जा मुक्त कराने की जिम्मेदारी दी गई थी। अब राजस्व टीम अपनी रिपोर्ट तैयार कर तहसीलदार न्यायालय में पेश करेगी।

Updated on:
29 Mar 2026 08:48 pm
Published on:
29 Mar 2026 08:48 pm