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संभल मदरसा ध्वस्तीकरण पर उबाल: सपा सांसद का सरकार पर हमला, बोले- बुलडोजर से नहीं चलता संविधान!

Sambhal News: यूपी के संभल में मदरसे पर हुई बुलडोजर कार्रवाई के बाद सियासत तेज हो गई है। सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने इसे सुशासन नहीं बल्कि सत्ता की जोर-जबरदस्ती बताया और सड़क से संसद तक विरोध का ऐलान किया।

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Jan 07, 2026
संभल मदरसा ध्वस्तीकरण पर उबाल | Image Source - FB/@ziaurrahmanbarq

Madrasa bulldozer action controversy Sambhal: संभल जिले के गांव राया बुजुर्ग में मदरसे पर की गई बुलडोजर कार्रवाई के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है। दो दिन पहले हुई इस कार्रवाई को लेकर समाजवादी पार्टी के सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने सरकार और प्रशासन पर सीधा हमला बोला है। बर्क का कहना है कि जिस तरह से मदरसे को ध्वस्त किया गया, वह कानून का पालन नहीं बल्कि सत्ता के बल का प्रदर्शन है। इस मुद्दे ने अब स्थानीय विवाद से निकलकर राज्य स्तरीय राजनीतिक बहस का रूप ले लिया है।

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‘बुलडोजर न्याय’ पर सांसद बर्क का हमला

सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कानून के नाम पर चलाया जा रहा तथाकथित ‘बुलडोजर न्याय’ सुशासन नहीं हो सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन ने बिना संवेदनशीलता और संवाद के सीधी कार्रवाई की। बर्क ने कहा कि सत्ता का दायित्व लोगों को न्याय देना है, न कि उन्हें डराकर खामोश कर देना। उनका कहना है कि अगर यही शासन की शैली है तो आम जनता खुद को असुरक्षित महसूस करेगी।

मस्जिद से मदरसा तक, गरीबों को बनाया जा रहा निशाना: बर्क

सांसद ने प्रशासन की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि पहले मस्जिद को लेकर भ्रम की स्थिति बनाई गई और फिर मदरसे पर बुलडोजर चला दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि कहीं दो मस्जिदों का मुद्दा उठाया जा रहा है तो कहीं मदरसे को निशाना बनाया जा रहा है और हर बार प्रभावित वही लोग हो रहे हैं जो गरीब और कमजोर हैं। बर्क ने सवाल किया कि क्या बिना बातचीत, बिना वैकल्पिक व्यवस्था और बिना इंसानियत दिखाए सिर्फ मशीनों से इंसाफ किया जा सकता है।

धार्मिक स्थलों पर कार्रवाई को बताया ‘डर का शासन’

जियाउर्रहमान बर्क ने कहा कि सरकारी जमीन के नाम पर लोगों को बेघर करना और धार्मिक स्थलों को ध्वस्त करना डर पैदा करने की नीति है। उन्होंने जोर देकर कहा कि संविधान किसी भी बुलडोजर से ऊपर है और आस्था के साथ इस तरह का खिलवाड़ स्वीकार्य नहीं है। सांसद ने चेतावनी दी कि यदि यही तरीका चलता रहा तो सामाजिक सौहार्द और लोकतांत्रिक मूल्यों को गहरी चोट पहुंचेगी।

सड़क से संसद तक संघर्ष का ऐलान

इस मुद्दे पर बर्क ने साफ कहा कि वह चुप नहीं बैठेंगे। उन्होंने घोषणा की कि पीड़ितों के हक में सड़क से लेकर संसद तक आवाज उठाई जाएगी। सांसद के इस बयान के बाद जिले में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है और प्रशासनिक कार्रवाई पर विपक्षी दलों की नजरें टिक गई हैं।

अवैध अतिक्रमण पर प्रशासन की कार्रवाई जारी

वहीं दूसरी ओर, प्रशासन का कहना है कि जिले में अवैध अतिक्रमण के खिलाफ अभियान लगातार जारी है। मंगलवार को थाना असमोली क्षेत्र के गांव राया बुजुर्ग में तालाब की भूमि पर बने दो अवैध मकानों को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया गया। एक अन्य मकान मालिक को कुछ दिन की मोहलत दी गई है। कार्रवाई के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए भारी पुलिस बल तैनात रहा।

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