Sambhal News: संभल में भीषण ठंड के बीच आधी रात बिजली चोरी के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया गया। डीएम और एसपी खुद टीमों के साथ सड़कों पर उतरे, कई इलाकों में छापेमारी कर अवैध कनेक्शन, चार्जिंग स्टेशन और बिना मीटर बिजली उपयोग के मामले पकड़े गए।
DM-SP raid power theft sambhal:संभल में बिजली चोरी के खिलाफ प्रशासन ने भीषण ठंड में बड़ा और सख्त अभियान चलाया। रविवार देर रात शुरू हुए इस अभियान में जिलाधिकारी (DM) और पुलिस अधीक्षक (SP) खुद भारी पुलिस बल और बिजली विभाग की टीम के साथ सड़कों और गलियों में उतरे। करीब एक साल के लंबे अंतराल के बाद हुई इस कार्रवाई में प्रशासन ने आधी रात के बाद छापेमारी शुरू की, जो भोर करीब 4 बजे तक चली। अचानक हुई इस सख्ती से इलाके में हड़कंप मच गया और अवैध बिजली इस्तेमाल करने वालों को संभलने तक का मौका नहीं मिला।
प्रशासन की ओर से इस अभियान के लिए एक दर्जन से अधिक संयुक्त टीमें गठित की गई थीं। सभी टीमों को एक साथ अलग-अलग इलाकों में कार्रवाई के निर्देश दिए गए। डीएम और एसपी स्वयं फील्ड में मौजूद रहे और गलियों, बिजली के खंभों तथा मीटरों की मौके पर जांच कराई। अधिकारियों की मौजूदगी में पुलिस और बिजली विभाग की टीमों ने हर संदिग्ध कनेक्शन को बारीकी से परखा।
अभियान के तहत शहर के मुस्लिम बाहुल्य इलाके रायसक्ति और सरायतारीन में तड़के सुबह एक साथ छापेमारी की गई। जब अधिकांश लोग गहरी नींद में थे, उसी वक्त प्रशासन ने घर-घर और प्रतिष्ठानों पर बिजली कनेक्शन की जांच शुरू की। लंबे समय बाद इतने बड़े स्तर पर हुई संयुक्त कार्रवाई से अवैध बिजली उपयोग करने वालों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
चेकिंग के दौरान कई चौंकाने वाले मामले सामने आए। कई अवैध चार्जिंग स्टेशन पकड़े गए, जहां बिना किसी वैध कनेक्शन के दर्जनों ई-रिक्शा चार्ज किए जा रहे थे। इन स्थानों पर सीधे केबल डालकर बड़े पैमाने पर बिजली चोरी की जा रही थी। इसके अलावा कई ऐसे मकान भी मिले, जहां नियमित रूप से बिजली का इस्तेमाल हो रहा था, लेकिन मीटर तक नहीं लगाया गया था।
अभियान के दौरान रायसक्ति क्षेत्र की एक मस्जिद में भी अवैध बिजली उपयोग का मामला सामने आया। जांच में कटिया के जरिए बिजली लेने की पुष्टि हुई, जिसके बाद टीम ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। इस खुलासे के बाद पूरे इलाके में चर्चा का माहौल बन गया।
बिजली विभाग के अधिकारियों ने मौके पर ही कई मामलों में मुकदमा दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी। डीएम ने स्पष्ट कहा कि बिजली चोरी से विभाग को भारी राजस्व नुकसान होता है और इसका खामियाजा ईमानदार उपभोक्ताओं को ओवरलोडिंग व ट्रिपिंग के रूप में भुगतना पड़ता है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि यह अभियान किसी एक दिन का नहीं है और आगे भी नियमित रूप से ऐसी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।