Sambhal News: संभल में युवक की हत्या के मामले में पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। अवैध संबंधों और पिटाई का बदला लेने के लिए पत्नी ने अपने प्रेमी और भाई के साथ मिलकर पति की हत्या की और शव को सड़क हादसा दिखाने की कोशिश की।
Wife lover murder case sambhal: यूपी की संभल पुलिस ने एक युवक की हत्या की गुत्थी सुलझाते हुए ऐसा खुलासा किया है, जिसने पूरे जिले को झकझोर कर रख दिया। यह मामला महज एक सड़क दुर्घटना नहीं, बल्कि पत्नी, उसके प्रेमी और भाई द्वारा रची गई खौफनाक साजिश निकला। अवैध संबंधों और पिटाई का बदला लेने के लिए युवक की बेरहमी से हत्या की गई और फिर शव को दुर्घटना दिखाने की कोशिश की गई।
पुलिस जांच में सामने आया कि मृतक सनी की पत्नी नेहा के पिछले चार वर्षों से एक युवक रंजीत के साथ अवैध संबंध थे। जब सनी को इस रिश्ते की जानकारी हुई तो घर में लगातार विवाद होने लगे। आरोप है कि इसी दौरान सनी ने नेहा की पिटाई की थी, जिससे आक्रोशित होकर नेहा ने अपने प्रेमी और भाई के साथ मिलकर पति को रास्ते से हटाने का फैसला कर लिया।
पुलिस के अनुसार, हत्या के बाद आरोपियों ने शव को जलाकर पहचान मिटाने की योजना बनाई, लेकिन माचिस न मिलने के कारण वे इसमें सफल नहीं हो सके। इसके बाद शव को मोटरसाइकिल पर रखकर सड़क दुर्घटना का रूप देने की कोशिश की गई। रास्ते में दूध लेकर आ रही डीसीएम को देखकर आरोपी घबरा गए और शव को कच्चे रास्ते पर फेंककर फरार हो गए।
यह सनसनीखेज मामला संभल की तहसील गुन्नौर के थाना जुनावई क्षेत्र के गांव पूरन पट्टी से दुबोई खुर्द जाने वाले चकरोड का है। 2 जनवरी को यहां एक अज्ञात युवक का शव मिला था। शव के हाथ और सीने पर “सनी लव नेहा” लिखा हुआ था, जिसने पुलिस को हत्या की आशंका की ओर मोड़ दिया। पहचान के लिए पुलिस ने सार्वजनिक स्थलों पर पोस्टर लगाए और सोशल मीडिया पर तस्वीरें साझा कीं।
कई प्रयासों के बाद कासगंज निवासी मृतक के साले अरुण ने शव की पहचान सनी पुत्र हीरालाल, निवासी मोहल्ला ओढ़पुरा, थाना हाथरस गेट, जनपद हाथरस के रूप में की। पहचान होते ही पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू की और परिवार के लोगों से पूछताछ तेज कर दी।
पुलिस के मुताबिक, सनी और नेहा की शादी 18 जून 2018 को हुई थी। शादी के बाद सनी गलत संगत में पड़ गया और शराब व जुए का आदी हो गया। वह एनडीपीएस और बाइक चोरी जैसे मामलों में जेल भी जा चुका था। जेल से छूटने के बाद उसने घर का सामान बेच दिया और पत्नी व बेटी के साथ किराए के मकान में रहने लगा, जिससे घरेलू तनाव और बढ़ गया।
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि 30 दिसंबर 2025 को नेहा ने अपने प्रेमी रंजीत को कासगंज बुलाया। 31 दिसंबर को नेहा, उसका प्रेमी रंजीत और भाई अरुण घर पर मिले। 1 जनवरी 2026 को सनी को बहाने से कासगंज बुलाया गया। उसी दिन दोपहर करीब 3 बजे नेहा ने अरुण को शराब के लिए पैसे देकर सनी को मारकर कहीं फेंकने की साजिश को अंजाम देने भेज दिया।
आरोप है कि बदला लेने की भावना से सनी की डंडों और लात-घुसों से जमकर पिटाई की गई। इसके बाद रस्सी के फंदे से उसे फांसी पर लटका दिया गया। शव की पहचान न हो सके, इसके लिए उसके कपड़े उतारकर तलाशी भी ली गई और बाद में दुर्घटना दिखाने की कोशिश की गई।
पुलिस ने इस मामले में अरुण पुत्र बदन सिंह निवासी गांव नीवरी, थाना कासगंज; रंजीत पुत्र कोजी उर्फ खौजीराम निवासी गांव सैमला करनपुर, थाना जुनावई, जनपद संभल; और नेहा गौतम पत्नी सनी निवासी ओढ़पुरा, थाना हाथरस गेट, जनपद हाथरस को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक बहजोई कार्यालय में एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई और एएसपी अनुकृति शर्मा ने प्रेस वार्ता कर पूरे हत्याकांड का खुलासा किया।