Tamanna Malik Burqa woman Kanwar Yatra : संभल की रहने वाली तमन्ना मलिक हरिद्वार से संभल कांवड़ लेकर आई हैं। तमन्ना ने मन्नत मांगी थी कि अगर उनकी शादी अमन से हो गई तो वह कांवड़ लेने जाएंगी।
संभल : कांवड़ यात्रा की भीड़, ‘बम-बम भोले’ के जयकारे और डीजे की गूंज के बीच एक तस्वीर सबसे अलग नजर आई…बुर्के में कांवड़ उठाए आगे बढ़ती तमन्ना मलिक उर्फ तुलसी। सोशल मीडिया पर वायरल हुए इस वीडियो ने उन्हें सुर्खियों में ला दिया, लेकिन इस दृश्य के पीछे एक भावनात्मक कहानी छिपी है…प्यार, संघर्ष, विरोध और विश्वास की।
संभल की रहने वाली तमन्ना बताती हैं कि उन्होंने भगवान से प्रार्थना की थी। अगर उनकी शादी अमन त्यागी से हो जाएगी तो वे कांवड़ लाकर जलाभिषेक करेंगी। शादी को एक साल पूरा होने पर उन्होंने अपना वादा निभाने का फैसला किया।
महाशिवरात्रि पर जलाभिषेक के लिए उन्होंने हरिद्वार से गंगाजल उठाया और संभल के छैमनाथ मंदिर में चढ़ाने का संकल्प लिया। लंबी यात्रा के दौरान पैरों में छाले पड़े, लेकिन आस्था की राह में उनका उत्साह कम नहीं हुआ।
उनके पति अमन त्यागी हर कदम पर साथ नजर आए। एक ओर बुर्का, दूसरी ओर भगवा गमछा, दोनों की जोड़ी कांवड़ यात्रा में आकर्षण का केंद्र बन गई। तमन्ना कहती हैं, 'शादी के बाद से अमन हर फैसले में मेरे साथ खड़े रहे हैं। यह यात्रा भी हमने साथ मिलकर तय की।' अमन का कहना है, 'सम्मान व्यक्ति के विश्वास का होता है, वेशभूषा का नहीं।'
दोनों एक ही गांव के हैं। दोस्ती से शुरू हुआ रिश्ता शादी तक पहुंचा, लेकिन अलग-अलग समुदाय से होने के कारण उन्हें विरोध और धमकियों का सामना भी करना पड़ा। अमन बताते हैं कि प्रशासन ने उस समय भी सहयोग किया था और अब भी सुरक्षा के इंतजाम हैं।
जैसे ही तमन्ना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया, वह चर्चा का विषय बन गईं। संभल पहुंचने पर लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। महिलाओं ने पैर छुए, युवाओं ने सेल्फी ली और कई लोगों ने शगुन देकर उनका हौसला बढ़ाया।
तमन्ना का कहना है, 'अगर मन में आस्था है तो कोई भी बहन बुर्के में कांवड़ ला सकती है। किसी को डरने की जरूरत नहीं है।' महाशिवरात्रि को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा कड़ी की। पुलिस और पीएसी के जवान यात्रा मार्ग पर तैनात रहे, ताकि किसी तरह की अव्यवस्था न हो।