Sambhal News: उत्तर प्रदेश के संभल में फिल्म 'यादव जी की लव स्टोरी' को लेकर विवाद गहरा गया है। यादव समाज के हजारों लोगों ने सड़क पर उतरकर फिल्म के खिलाफ उग्र प्रदर्शन किया।
Yadav ji ki love story protest Sambhal: अपकमिंग फिल्म ‘यादव जी की लव स्टोरी’ को लेकर उपजा विवाद अब सड़कों पर आ चुका है। यादव समाज ने इस फिल्म को अपने गौरव और प्रतिष्ठा के खिलाफ बताते हुए जोरदार विरोध प्रदर्शन किया है। हज़ारों की संख्या में जुटे लोगों ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि 27 फरवरी को फिल्म रिलीज हुई, तो इसके गंभीर परिणाम होंगे।
संभल जिले के बहजोई स्थित कलेक्ट्रेट के पास बने बड़े मैदान में नजारा कुछ अलग ही था। पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार, सुबह से ही जनपद के कोने-कोने से यादव समाज के लोग जुटना शुरू हो गए थे। दोपहर होते-होते मैदान में पैर रखने की जगह नहीं बची। हाथों में पोस्टर, बैनर और फिल्म के विरोध में लिखी तख्तियां लिए युवाओं और बुजुर्गों का जोश चरम पर था। हवा में फिल्म के खिलाफ गूँजते नारों ने प्रशासन की धड़कनें बढ़ा दीं।
इस प्रदर्शन की खास बात यह रही कि यहाँ राजनीतिक मतभेद किनारे नजर आए। बीजेपी के पूर्व एमएलसी भारत सिंह यादव ने फिल्म की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब फिल्म का लेखक, निर्माता या कोई भी मुख्य पात्र समाज से ताल्लुक नहीं रखता, तो फिर ‘यादव’ नाम का इस्तेमाल कर समाज को नीचा दिखाने की कोशिश क्यों की जा रही है? वहीं, सपा नेता सुनील यादव और भाजपा किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष देवेंद्र यादव ने भी सुर में सुर मिलाते हुए इसे एक समाज के अपमान की गहरी साजिश करार दिया।
प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे वरिष्ठ प्रतिनिधियों और अधिवक्ताओं ने स्पष्ट किया कि उनकी भावनाएं इस फिल्म के टाइटल और चित्रण से आहत हुई हैं। जिलाधिकारी की अनुपस्थिति में डिप्टी कलेक्टर नीतू रानी को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा गया। समाज के प्रतिनिधियों ने मांग की है कि सरकार और सेंसर बोर्ड तुरंत हस्तक्षेप करें और 27 फरवरी को होने वाली रिलीज पर पूर्ण पाबंदी लगाएं।
हजारों की भीड़ और विरोध की संवेदनशीलता को देखते हुए संभल पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। कलेक्ट्रेट और आसपास के इलाकों को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया था। सीओ डॉ. प्रदीप कुमार के नेतृत्व में भारी पुलिस बल और आरआरएफ (RRF) के जवानों ने मोर्चा संभाले रखा। इंस्पेक्टरों और विभिन्न थानों की फोर्स को चप्पे-चप्पे पर तैनात किया गया था ताकि विरोध प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था की स्थिति नियंत्रण में रहे।