सतना

शहर पहुंचते ही थम जाती है ‘सेवा की’ रफ्तार, रेंगती हैं 108 एम्बुलेंस, मरीजों की जान पर भारी बेलगाम यातायात

कोलगवां थाना से अस्पताल पहुंचने में लगते हैं 30 मिनट, अगर किसी की मौत होती है तो कौन होगा दोषी

2 min read
Sep 25, 2019
108 ambulance service in Satna madhya pradesh

सतना। अमरपाटन से सतना की 40 किमी. की दूरी 108 एम्बुलेंस 30 मिनट में तय कर रही हैं। लेकिन, कोलगवां थाना से जिला अस्पताल की 3 किमी. की दूरी तय करने में 108 को 30 से 40 मिनट लग रहे हैं। बेलगाम यातायात और बेतरतीब निर्माण ने इमरजेंसी सेवा की रफ्तार को थाम दिया है। इससे पीड़ितों को समय पर इलाज नहीं मिल पाता और कई बार जान का भी जोखिम पैदा हो जाता है। ऐसी ही स्थिति मंगलवार दोपहर देखने को मिली।

पत्रिका संवाददाता ने कोलगवां थाना से दोपहर 1.03 बजे जिला अस्पताल की ओर रवाना हुई 108 एम्बुलेंस का पीछा किया। सेमरिया चौक पहुंचते ही इमरजेंसी सेवा की रफ्तार थम गई। वाहन दौडऩे की बजाय रेंगने लगा। चौराहे पर खड़े बेतरतीब ऑटो 5 मिनट तक राह रोके रहे।

100 मीटर दूरी तय करने में 8 मिनट लग गए। कुछ दूर आगे बढऩे पर कुछ ऐसी ही स्थिति सर्किट हाउस चौक के पास रही। वहां से किसी तरह एम्बुलेंस चालक निकला तो अस्पताल के सामने फंस गया। इस प्रकार कोलगवां थाना से अस्पताल तक पहुंचने में एम्बुलेंस को 30 मिनट का समय लगा।

केस-1
स्थान-सेमरिया चौक
समय-दोपहर 1.08
स्थिति-चौराहे पर बेतरतीब खड़े ऑटो ने रोकी राह।

केस-2
स्थान-भरहुत मोड़, समय-1.20
स्थिति-पांच मिनट तक वाहन जाम में फंसा रहा। मुश्किल से जाम के झाम से मुक्ति मिली।

केस-3
स्थान-सर्किट हाउस चौराहा
समय-1.28
स्थिति-जाम का झाम, 3 से 5 मिनट लगे निकलने में।

केस-4
स्थान-इंदिरा गांधी गर्ल्स कॉलेज मोड
समय-1.31
स्थिति-ऑटो चालकों का अघोषित स्टैंड, लोग भी रास्ता देने तैयार नहीं। दो मीटर की दूरी तय करने में 5 मिनट लगे।

केस-5
स्थान-जिला अस्पताल गेट
समय-1.35
स्थिति-चाय-पान दुकानों के चलित अतिक्रमण से संकीर्ण रास्ता। ऑटो चालकों के गेट के सामने पार्किंग। मुश्किल से अंदर दाखिल हो पाई एम्बुलेंस।

Published on:
25 Sept 2019 03:31 pm
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