MP News: आरोपी ने साक्ष्य छिपाने की नीयत से मासूम के शव को घर में रखे एक नीले प्लास्टिक ड्रम के अंदर डाल दिया और बाहर से ताला लगाकर भाग निकला।
MP News: शहर के बैंक कॉलोनी में ।। साल के शिवराज रजक की निर्मम हत्या ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। हत्याकांड के आरोपी मथुरा रजक को पुलिस ने उसके पैतृक निवास सीधी जिला से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस बुधवार को आरोपी को न्यायालय में पेश करेगी। पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि आरोपी मथुरा रजक बच्चे की मां से एकतरफा प्रेम करता था। वह लगातार उस पर शादी का दबाव बना रहा था।
जब उसकी यह सनक पूरी नहीं हुई, तो उसने दिनदहाड़े घर में घुसकर शिवराज का धारदार हथियार से गला रेत दिया था। आरोपी ने साक्ष्य छिपाने की नीयत से मासूम के शव को घर में रखे एक नीले प्लास्टिक ड्रम के अंदर डाल दिया और बाहर से ताला लगाकर भाग निकला। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए तीन विशेष टीमों ने का गठन किया गया था। मंगलवार को जिला अस्पताल स्थित मर्चुरी में भारी पुलिस बल तैनात रहा। पोस्टमार्टम के समय बच्चे के आधा सैकड़ा रिश्तेदार पहुंचे। मृतक की मां का रो रोकर बुरा हाल रहा। परिजनों ने आरोपी को फांसी देने की मांग की।
आरोपी मथुरा का बच्चे की मां के साथ मेल-जोल था, जिसका उसका बेटा विरोध करता था। 20 अप्रैल को आरोपी जब महिला के घर पहुंचा शिवराज ने उसे अपनी मां से दूर रहने और पिता को सब बताने की चेतावनी दी। इसी बात से आक्रोशित होकर मथुरा ने पहले शिवराज का गला दबाया और फिर हसिये से वार कर उसकी हत्या कर दी।
पुलिस का कहना है कि आरोपी का मेडिकल करा लिया गया है और उससे पूछताछ जारी है। पुलिस अब हत्या में प्रयुक्त हथियार और अन्य साक्ष्य जुटा रही है ताकि न्यायालय में आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा
दिलाई जा सके।
मृतक की मां आशा रजक और बहन सेजल ने बताया मथुरा लंबे समय से उस पर शादी का दबाव बना रहा था और मना करने पर गाली-गलौज व धमकी देता था। आशा का आरोप है कि शादी से इंकार करने की वजह से आरोपी ने उसके बेटे की हत्या की।
नयागांव निवासी आशा रजक पिछले लगभग एक वर्ष से सिद्धार्थ नगर में किराए के कमरे में रह रही है। उसका पति नासिक में रहता था जिसकी मानसिक स्थिति कुछ ठीक नहीं है, जिसके चलते वह घरों में काम कर बच्चों का पालन-पोषण करती है। शनिवार सुबह आशा काम पर गई थी, जबकि बड़ा बेटा शिवाकांत अपने काम पर चला गया। घर में बेटी सेजल और 11 वर्षीय बेटा शिवराज उर्फ बादल मौजूद थे। दोपहर करीब 12:30 बजे जब आशा लौटी तो घर का दरवाजा बाहर से बंद मिला और दोनों बच्चे गायब थे।
आशा ने बेटी से संपर्क किया तो उसने बताया कि वह सुबह करीब 11 बजे काम की तलाश में बाहर गई थी और बादल घर पर ही था। दरवाजे के पास बच्चे के जूते रखे मिलने से संदेह और गहरा गया। परिजनों ने आसपास तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। गुमशुदगी की सूचना पर पहुंची पुलिस ने कमरे का ताला तोड़ा। अंदर का दृश्य चौंकाने वाला था, दीवारों पर खून के निशान, खून सनी तकिया और पास में पड़ी हंसिया मिली। कमरे में रखे नीले ड्रम के बाहरी हिस्से पर भी खून के धब्बे दिखाई दिए। बाद में पूरे मामले का खुलासा हुआ।