१२१ वें मंचन की तैयारियां पूर्ण, २१ दिवस चलेगा मंचन , १९ को विजया दशमी जुलूस, २० अक्टू. को भरत मिलाप
सतना । विंध्य क्षेत्र में अपनी अलग पहचान रखने वाली श्रीबिहारी रामलीला १२० वर्ष पूर्ण कर चुकी है। ३ अक्टूबर को १२१ वें वर्ष में नए कलेवर के साथ प्रवेश करने जा रही है। ज्ञात हो कि २५ से ३० कलाकारों व्दारा निरंतर नया कुछ देने को लेकर लगातार कई वर्षों से महनत की जा रही है। इस वर्ष पारंपरिक स्वरुप बरकरार रखते हुए अत्याधुनिक लाइट्स, साउंड, मेकअप को लेकर कुछ नया करने का रामजी की इच्छा से संकल्प लिया है। महंत पंडित ब्रिजेन्द्र कुमार दुब ने बताया कि इस वर्ष नारद मोह से रामलीला का शुभारंभ सुभाष पार्क के मंच में होगा। २१ दिवस लगातार मंचन होगा।
१९ को विजया दशमी जुलूश
विरेन्द्र गोस्वामी ने आगे की जानकारी देते हुए बताया कि १९ अक्टूबर को विजया दशमी जुलूश शहर के प्रमुख मार्गो से निकलेगा। जुलूस के आगे भगवान श्रीराम, सीता, लक्ष्मण, हनुमान जी के साथ वानर सेना का जगह-जगह स्वागत होगा। श्रीबिहारी रामलीला समाज व्दारा जुलूस के माध्यम से विशेष संदेश भी दिया जाएगा। शहर के रामभक्त रामजी की शोभा यात्रा में शामिल होंगे।
२०अक्टूबर को भरत मिलाप
पन्नीलाल चौक में २० अक्टूबर को भरत मिलाप का कार्यक्रम बिहारी रामलीला समाज व्दारा हाोगा। इस कार्यक्रम में शहर की व्यापारिक संस्थाएं हिस्सा लेंगी। ज्ञात हो कि भरत मिलाप कार्यक्रम प्रारंभ से पन्नीलाल चौक में आयोजित हो रहा है। इस कार्यक्रम में शहर के गणमान्य शामिल होते हैं।
नोकरी के साथ अभिनय कर रहे
विरेन्द्र गोस्वामी ने बताया कि बिहारी रामलीला के सभी पात्र नौकरी करने के साथ अभिनय भी कर रहे हैं। रामलीला मंचन कर रहे सभी पात्र इसे भगवान की इच्छा मान रहे हैं। कई कलाकार बचपन से रामलीला में अभिनय कर रहे हैं। संगीत मंडली भी पीडिय़ों से चली आ रही है। रामलीला में मंचन के दौरान होने वाला गायन सर्वाधिक आकर्षण का केन्द्र है। हरमोनियम व ढोलक की जुगलबंदी अनायास लोगों को अपनी ओर आकर्षित करता है।
नेता, इंजीनियर भी मंचन कर रहे
बिहारी रामलीला में नारद का पात्र कर रहे भाजपा नेता नरेन्द्र त्रिपाठी बीते कई वर्षों से नारद का अभिनय करते आ रहे हैं। वहीं रावण का पात्र भाजपा के ददोली पाण्डेय करते आ रहे है। इसी प्रकार कई एसे भी कलाकार हैं जो अभिनय के साथ नोकरी कर रहे हैं।