शहर के पास जिगनहट रपटे में ही नहीं लगे संकेतक
सतना। बारिश के चलते पहाड़ों के पानी से उफान में आए नदी-नाले रपटे-पुल के ऊपर से बहने लगे हैं। नागौद-उचेहरा मार्ग में मौजूद करारी नदी पर बना रपटा मामूली बारिश पर खतरनाक हो चुका है। वहीं शहर से लगे जिगनहट में सतना नदी के रपटे के ऊपर से शनिवार की शाम से पानी जाने लगा। जिले में तीन-चार दिन की बारिश से नदी-नाले उफान पर हैं। इन नदी-नालों पर मौजूद पुल-रपटों के ऊपर से पानी का तेज बहाव भी शुरू हो चुका है बावजूद इसके प्रशासन व लोक निर्माण विभाग द्वारा दुर्घटनाएं टालने के लिए कोई इंतजाम नहीं किए गए।
बुधवार से शुरू बारिश के चलते शनिवार तक जिले के प्रमुख मार्गों पर मौजूद कुछ रपटे ओवरफ्लो हो गए। रपटों के ऊपर से पानी के बहाव के बावजूद लोग पैदल व वाहन लेकर इस पार से उस पार निकलते रहे। इन जानलेवा रपटों से वाहन आदि इसलिए पार होते रहे कि लोगों को टोकने के लिए मौके पर कोई मौजूद नहीं था। इतना ही नहीं रपटों पर चेतावनी देने के लिए साइन बोर्ड तक गायब रहे।
हादसे की आशंका
गांवों को कस्बों व जिला मुख्यालय से जोडऩे वाले १६ प्रमुख मार्गों पर २८ पुल-पुलिया व रपटे मौजूद हैं जो बारिश के दौरान जानलेवा साबित हो सकते हैं। नाली-नालों को पार करने के लिए कई वर्षों पहले बनाए गए इन पुलिया-रपटों में से ज्यादातर जर्जर हो चुके हैं। अब ये न सिर्फ जानलेवा हैं वरन पूरे जिले के जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर देते हैं। पानी रपटों से ऊपर बहने पर कई गांव कस्बों व जिला मुख्यालय से कट जाते हैं। हर साल इन खतरनाक रपटों पर हादसे होते हैं बावजूद इसके जिला प्रशासन व पीडब्ल्यूडी द्वारा सुरक्षा के लिए रेलिंग व संकेतक तक नहीं लगाए गए।
बारिश में जलमग्न हो जाते हैं ये 28 रपटे
सड़क मार्ग रपटे
बिरसिंहपुर-चकरा 2
कोटर-बिरसिंहपुर 2
जैतवारा-डगडीहा 1
सेमरिया-धारकुण्डी 1
सतना- अटरा 1
नागौद-उचेहरा 2
बरेठिया-कतकोन 1
सतना-सेमरिया १
सज्जनपुर-छिबौरा 1
झरकुआं-रैगांव-करसरा 1
मझगवां-पहाड़ीखेरा 6
पिंड्रा-नकैला-बरौंधा 3
सतना-हाटी-जैतवारा 1
सोहलिया-हाटी 1
गुप्त गोदावरी 1
उचेहरा-दुरेहा 2
पीडब्ल्यूडी के तहत आने वाले जलमग्न रपटों पर संकेतक लगाए लाएंगे। सतना नदी के जिगनहट पुल में पानी होने की दशा में दोनों ओर सड़क खुदवाई जाएगी ताकि लोग खतरा मोल न ले पाएं।
एचएल वर्मा, ईई, पीडब्ल्यूडी