नगर निगम ने छेड़ा महाअभियान: दुकानदारों में मचा हड़कंप, शटर गिराकर भागे व्यापारी
सतना। स्मार्ट सिटी को पॉलीथिन मुक्त बनाने के लिए निगम प्रशासन ने कमर कस ली है। शनिवार को निगमायुक्त प्रवीण सिंह अढ़ायच के निर्देश पर निगम की पांच अलग-अगल टीमों ने शहर की किराना व पॉलीथिन दुकानों में दबिश देकर काउंटर खंगाले। जांच टीम ने बाजार से 500 किलोग्राम अमानक पॉलीथिन (कैरीबैग) जब्त किया। निगम की इस कार्रवाई में अतिक्रमण दस्ता व स्वास्थ्य शाखा के 100 कर्मचारी शामिल रहे।
बड़े व्यापारियों पर कार्रवाई नहीं
सुबह 11 बजे निगम की पांचों टीमों ने एक साथ जैसे ही शहर के अलग-अलग स्थानों पर स्थित किराना व प्लॉस्टिक दुकानों में छापामार कार्रवाई शुरू की, बाजार में हड़कंप मच गया। अमानक पॉलीथिन बेचने व उपयोग करने वाले दुकानदार अपनी दुकानों के शटर गिराकर भाग खड़े हुए। इस कारण निगम की टीम शहर में अमानक पॉलीथिन का कारोबार करने वाले बड़े व्यापारियों पर कार्रवाई नहीं कर सकी।
50 माइक्रॉन से कम मोटाई के अमानक कैरीबैग जब्त
शाम तक चली कार्रवाई में निगम कर्मचारियों ने शहर की एक-एक किराना एवं प्लॉस्टिक दुकान में जाकर जांच की और 50 माइक्रॉन से कम मोटाई के अमानक कैरीबैग जब्त किए। कार्रवाई में निगम के स्वास्थ्य शाखा प्रभारी बृजेश मिश्रा, सहायक स्वास्थ्य अधिकारी अशोक मिश्रा, राजू साकेत तथा अतिक्रमणदस्ता प्रभारी रमाकांत शुक्ला टीम के साथ शामिल रहे।
निगमायुक्त ने मांगा सहयोग
स्वच्छता सर्वेक्षण 2019 में शहर को देश का सबसे स्वच्छ शहर बनाकर 7 स्टार दिलाने की निगम प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है। शहर को स्वच्छता की स्टार रेटिंग तभी मिलेगी जब शहर पॉलीथिन मुक्त होगा। इसलिए बिना जनसहयोग के शहर को पॉलीथिन मुक्त बनाना संभव नहीं। निगमायुक्त प्रवीण सिंह ने जनता से प्लास्टिक की थैलियों के स्थान पर कागज व जूट के थैलों का उपयोग कर शहर को स्वच्छ बनाने में निगम प्रशासन की मदद करने की अपील की है। उनका कहना है कि पॉलीथिन पर प्रतिबंध लगाने मात्र से इसका उपयोग बंद नहीं होगा। इसके लिए जनता को भी आगे आना होगा।
यहां हुई कार्रवाई
टिकुरिया टोला, बिहारी चौक, लालता चौक, सिंधी कैम्प, स्टेशन रोड तथा बाजार क्षेत्र में एकसाथ छापामार कार्रवाई प्रारंभ की। पहले दिन टीमों ने कार्रवाई के नाम पर सिर्फ अमानक पॉलीथिन जब्त किया। व्यापारियों को अमानक प्लास्टिक कैरीबैग की बिक्री पूर्णत: प्रतिबंधित करने के निर्देश दिए। निगम के अधिकारियों का कहना है कि पॉलीथिन का उपयोग रोकने आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।
उपयोग पूर्णत: प्रतिबंधित
पॉलीथिन के ज्यादा उपयोग से होने वाले नुकसान और पर्यावरण को हो रही क्षति को देखते हुए प्रदेश सरकार ने जैवअपशिष्ट नियंत्रण अधिनियम 2004 की धारा तीन में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए 23 मई 2017 को पूरे प्रदेश में प्लॉस्टिक थैलियों के उत्पादन, भंडारण परिवहन एवं विक्रय पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया था। आदेश का पालन करते हुए नगर निगम प्रशासन ने 15 अगस्त से शहर में प्लॉस्टिक थैलियों के उपयोग पर पूर्णत: प्रतिबंध लगा दिया है। इसकी जानकारी पत्र जारी कर शहर के सभी व्यापारिक संगठनों को दी गई है।