खर्च का कोई हिसाब नहीं: टीम ने दर्ज की आपत्ति, महालेखाकार की टीम ने पकड़ा निर्वाचन में 2 करोड़ का गड़बड़झाला
सतना/ राशि के भुगतान और समायोजन को लेकर इन दिनों विवादों में रही निर्वाचन शाखा में बड़ा गड़बड़झाला सामने आया है। संयुक्त कलेक्ट्रेट की विभिन्न शाखाओं की ऑडिट में पहुंची महालेखाकार ग्वालियर की तीन सदस्यीय टीम ने जब निर्वाचन की ऑडिट की तो चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। यहां विभिन्न लेनदेन के 2 करोड़ रुपए का कोई हिसाब किताब नहीं मिला है और न ही यह राशि कहां किसे कैसे दी गई है उसका कोई ब्यौरा मिल पाया है। मामले में आपत्ति लगाकर टीम चली गई है।
जानकारी के अनुसार दीपावली के पहले महालेखाकार ग्वालियर (एजीएमपी) की 3 सदस्यीय टीम संयुक्त कलेक्ट्रेट पहुंची थी। सतना में टीम ने 10 दिन तक कलेक्ट्रेट की विभिन्न शाखाओं की ऑडिट की। अंत में टीम ने जिला निर्वाचन शाखा की ऑडिट शुरू की। जब यहां की कैश बुक चेक की गई तो करोड़ों का हिसाब गायब मिला।
हालात यह पाए गए कि एक लाख 96 हजार रुपए के एडवांस राशि का कोई हिसाब किताब मौजूद नहीं है। न तो यह पता चल पा रहा कि किसको कब कितनी राशि दी गई है। इस तरह से अन्य और मामलों को मिलाकर 2 करोड़ से ज्यादा का हिसाब किताब आडिट टीम को नहीं मिल सका है। बताया जा रहा कि यह बिना हिसाब का मामला पुराने चुनावों के दौरान का है। इस मामले में यहां वर्षों पदस्थ रहे अमले की भूमिका सवालों में घिर गई है।