सतना

आचार संहिता: महापौर ने आनन-फानन बुलाई MIC, 3 करोड़ के कार्यों को दी स्वीकृति

इधर, आचार संहिता से पहले स्मार्ट सिटी कार्यालय का शुभारंभ, 21 लाख के निर्माण कार्यों का भूमिपूजन
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Oct 07, 2018
achar sanhita in mp 2018, 3 crore works Approval in satna MIC
achar sanhita in mp 2018, 3 crore works Approval in satna MIC

सतना। आचार संहिता लगने से पहले शनिवार को नगर निगम प्रशासन की ओर से कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। आचार संहित लगने की संभावना को देखते हुए महापौर ने तीन घंटे में शहर के विभिन्न वार्डो में 22 लाख के निर्माण कार्यों का भूमिपूजन किया। वहीं आनन-फानन में बुलाई एमआईसी की बैठक में 9 एजेंडों सहित तीन करोड़ के विद्युतीकरण के कार्य को वित्तीय स्वीकृति दी।

एमआइसी की ओर से नगर निगम में पदस्थ मस्टर कर्मचारियों की सेवा 89 दिन बढ़ाने के प्रस्ताव को पास कर दिया। इसके अलावा पन्ना रोड पर मारुति एजेंसी से अमौधा तक, मैहर बायपास से खाना खजाना, नजीराबाद रोड पर 2.95 करोड़ की लागत से लगने वाली स्ट्रीट लाइट को वित्तीय स्वीकृति प्रदान की।

मिनी विद्युत सब स्टेशन को मंजूरी
वार्ड 22 उतैली में दीनदयाल पुरम कॉलोनी में स्थित एसएसडीपी एवं पीएम आवास योजना के तहत निर्मित भवनों में निर्बाध विद्युत अपूर्ति के लिए वहां पर मिनी विद्युत स्टेशन की स्थापना की जाएगी। लगभग चार करोड़ की लागत से स्थापित होने पर मिनी स्टेशन बनाने के प्रस्ताव के एमआइसी ने हरी झंडी दे दी। अब यह प्रस्ताव बिजली कंपनी को भेजा जाएगा।

स्मार्ट सिटी कार्यालय का उद्घाटन
नगर निगम कार्यालय भवन के द्वितीय तल मेे नवनिर्मित स्मार्ट सिटी कार्यालय भवन का उद्घाटन सुबह 11 बजे किया गया। महापौर ममता पाण्डेय ने गणेश प्रतिमा के सामने दीप प्रज्ज्वलित कर स्मार्ट सिटी कार्यालय का शुभारंभ किया। इस अवसर पर स्मार्ट सिटी की सीइओ देवेन्द्र सिंह, उपयंत्री मुकेश चतुर्वेदी सहित स्मार्ट सिटी के कर्मचारी उपस्थित रहे।

पार्टियों के पोस्टर बैनर हटाने का काम शुरू
आचार संहिता लगते की नगर निगम प्रशासन की ओर से शहर के अंदर संपत्ति विरूपण कार्रवाई शुरू कर दी है। जैसे ही दिल्ली में अचार संहिता लगने की घोषणा की संपत्ति विरुपण के नोडल अधिकारी रमाकांत शुक्ला के नेतृत्व में निगम का अतिक्रमण दस्ता सड़क पर उतर आया। टीम की ओर से ननि कार्यालय के सामने, सर्कि ट हाउस चौराहा सविल लाइन तथा रीवा रोड में लगी राजनैतिक पार्टियों के पोस्टर बैनर हटाए गए। दस्ते ने देर शाम तक आधा सैकड़ा होर्डिंग्स तथा सड़क किनारे लगे पोस्टर बैनर एवं पंफलेट हटाए।

महापौर और अध्यक्ष से वापस लिए वाहन और कर्मचारी
आचार संहिता लागू होने के साथ ही शनिवार को महापौर और नगर निगम अध्यक्ष के वाहन और कर्मचारी वापस ले लिए गए। आचार संहिता लागू के साथ ही जनप्रतिनिधियों को दी जाने वाली सुविधाएं प्रतिबंधित कर दी जाती है। लिहाजा निगमायुक्त ने इस आशय के निर्देश संबंधित शाखा प्रभारियों को जारी किए हैं। आदर्श आचार संहिता प्रभावी होने के साथ अब जनप्रतिनिधि सरकारी वाहनों और वाहन की सुविधाएं नहीं दी जा सकेगी। आयोग के निर्देशानुसार निगम के वाहन शाखा प्रभारी ने महापौर और निगम अध्यक्ष को आचार संहिता प्रभावी रहने तक निगम की ओर से आवंटित वाहन मय चालक वापस करने पत्र लिखा है।

कर्मचारी भी वापस लिए
निगम की स्थापना शाखा की ओर से महापौर, निगम अध्यक्ष सहित एमआईसी चेंबर में तैनात सभी कर्मचारियों को वापस बुलाने को कहा है। इन कर्मचारियों को कार्यालय अधीक्षक एवं नोडल अधिकारी निर्वाचन में उपस्थिति दर्ज कराने कहा है।

अवकाश पर प्रतिबंध
आचार संहिता लागू होने के साथ ही निगमायुक्त ने कहा कि नगर निगम के किसी भी अधिकारी कर्मचारी का अवकाश अपने स्तर से स्वीकृत नहीं किया जाएगा। कोई आवेदन प्राप्त होता है तो उसे उचित माध्यम से स्वीकृति के लिए जिला निर्वाचन कार्यालय भेजा जाएगा।

योजना संबंधी चित्र मिटाने के निर्देश
आचार संहिता के साथ निगमायुक्त ने अतिक्रमण अधिकारी एवं लोक संपत्ति सुरक्षा दस्ता प्रभारी रमाकांत शुक्ला और स्वच्छता अधिकारी बृजेश मिश्रा को निर्देश दिए कि शासन की ओर से संचालित योजनाओं से संबंधित स्लोगन, चित्र और पठनीय जानकारियां जो जगह-जगह लिखी हैं और इससे संबंधित बैनर, पोस्टर और होर्डिंग मौजूद हो तो उन्हें हटाया जाए। शासकीय अशासकीय भवनों की दीवारों पर बिना अनुमति किसी भी प्रकार के नारे, स्लोगन, खडिय़ा, चॉक, पेंट को मिटाया जाए। यदि कोई संपत्ति विरुपित करता है तो इस पर मप्र संपत्ति विरुपण निवारण अधिनियम 1994 के तहत कार्रवाई की जाएगी।

Published on:
07 Oct 2018 01:23 pm