शासन ने कलेक्टर को जांच के दिए निर्देश
सतना। राज्य मंत्री रामखेलावन पटेल के गृह नगर अमरपाटन में राजनीतिक उलट फेर की कोशिशें शुरू हो गयी है। यहां के कांग्रेसी नगर परिषद अध्यक्ष को हटाने के लिए भाजपा पार्षदों ने मोर्चा खोल दिया है। अध्यक्ष पर परिषद की बैठक नहीं बुलाने का गंभीर आरोप लगाते हुए उन्हें हटाने प्रमुख सचिव को पत्र लिखा है। इसके बाद राज्य शासन ने कलेक्टर को मामले की जांच कर प्रतिवेदन चाहा है। इधर मामले में अध्यक्ष समर सिंह ने सीएमओ को मंत्री के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया है और इसके लिए सीएमओ को दोषी बताया है। दूसरी ओर सीएमओ ने कहा है कि जितने भी पत्र उन्हें मिले हैं उस पर बैठकें बुलवाई गई हैं।
मंत्री की लगी थी प्रतिष्ठा
नगरीय निकाय चुनाव में अमरपाटन की सीट भाजपा कांग्रेस के लिये प्रतिष्ठा का विषय बनी हुई थी। भाजपा पार्षदों को जिताने की कमान जहां राज्यमंत्री रामखेलावन ने संभाल रखी थी वहीं कांग्रेस की ओर पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष राजेन्द्र सिंह दांव चल रहे थे। परिणाम जब सामने आये कांग्रेस अध्यक्ष बनाने में राजेन्द्र सिंह सफल रहे। इस मामले में मंत्री को मुंह की खानी पड़ी थी। तब से यह मामला भाजपा के लिए टीस बना हुआ है। इसी बीच भाजपा पार्षदों ने अध्यक्ष को हटाने का अपना दांव चल दिया है।
यह लिखा पीएस को पत्र
जानकारी के अनुसार संतोष सिंह तिवारी, राकेश कुमार ताम्रकार, वैष्णवी त्रिपाठी, प्रविता, रसीदा बेगम, दुर्गा बसोर सहित 7 पार्षदों ने प्रमुख सचिव को 1 मार्च को पत्र लिखा है। जिसमें बताया गया है कि 5 नवंबर 2022 के बाद से अध्यक्ष समर सिंह ने एक भी परिषद की बैठक नहीं बुलाई है। जबकि म.प्र. नगर पालिका अधिनियम के अनुसार हर दो माह में परिषद की और एम माह में पीआईसी की बैठक होना अनिवार्य है। लेकिन अध्यक्ष ऐसा करने में अक्षम रहे हैं। इससे नगर के विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। इसलिये समर सिंह को अध्यक्ष पद से हटाया जाए।
कलेक्टर से मांगी गई रिपोर्ट
प्रमुख सचिव को लिखे गए पत्र के बाद नगरीय विकास आरके कार्तिकेय ने कलेक्टर को पत्र लिख कर इन तथ्यों की जांच कर 15 दिन के अंदर प्रतिवेदन चाहा है। अगर प्रतिवेदन प्रतिकूल जाता है तो अध्यक्ष को पद से हटाने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी जाएगी।
बोले अध्यक्षः मंत्री कर रहे साजिश
सीएमओ कर रहे साजिशअध्यक्ष समर सिंह ने इस मामले में कहा कि वे कांग्रेस के हैं इसलिये मंत्री के दबाव में सीएमओ साजिश कर रहे हैं। हमने जनवरी, फरवरी, मार्च माह में लगातार बैठकें बुलाने के लिए पत्र दिए। लेकिन सीएमओ ने पत्र भी नहीं लिया तब लिपिकीय स्टाफ को देकर रिसीविंग ली है। मार्च में विशेष बैठक जरूर बुलाई गई है। कांग्रेस के होने के नाते वैसे भी हम पूरी तरह संभल कर काम करते हैं। यहां जानबूझ कर पृथक से सीएमओ की पदस्थापना नहीं होने दी जा रही है। रामनगर सीएमओ को अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। बैठक के मसले पर कलेक्टर से लेकर शासन तक से पत्राचार किया जा चुका है।
सीएमओ का जवाबः गलत हैं आरोप
उधर इस मामले में सीएमओ लालजी ताम्रकार ने कहा कि अध्यक्ष गलत बोल रहे हैं। हमें जो पत्र मिला है हमने बैठकें कराई हैं। मार्च के पहले की जानकारी मुझे नहीं है। बाकी मैं अभी भोपाल में हूं। लौट कर देख कर ही कुछ बता सकता हूं। अपने कार्यकाल में अध्यक्ष के जितने पत्र मिले उस पर बैठकों के संबंध में सीएमओ ने कहा कि देख कर ही बता सकता हूं।