
Chitrakoot Accident : उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के वृंदावन से गुजरने वाली यमुना नदी में नाव पलटने से अबतक 11 श्रद्धालुओं की मौत की पुष्टि होने और 4 अबतक लापता होने के मामले को अभी कुछ समय ही बीता था कि, अब यूपी से सटे मध्य प्रदेश के सतना जिले की धर्मनगरी चित्रकूट इसी तरह के एक हादसे की सनसनीखेज खबर सामने आई है। आपको बता दें कि, शनिवार शाम क्षेत्र से गुजरने वाली मंदाकिनी नदी के रामघाट पर आरती के दौरान एक नाव पलटने से उसमें सवार श्रद्धालु नदी में गिर गए। हादसे के चलते घटना स्थल पर चीख - पुकार मच गई।
बताया जा रहा है कि, संबंधित नाव में दिल्ली के कुछ श्रद्धालु सवार थे, जो नदी में गिर गए। हालांकि, घटना स्थल पर तैनात पुलिसकर्मियों और मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए तुरंत नदी में छलांग लगाई और सभी को सुरक्षित पानी से बाहर निकाल लिया। राहत की बात ये है कि, यहां कोई जनहानि नहीं हुई।
बताया जा रहा है कि, शाम करीब सवा सात बजे दिल्ली से आए श्रद्धालुओं का एक समूह संध्याकालीन आरती देखने नाव में सवार हुआ था। कटरा गुदर (यूपी) के रहने वाले नाव चालक रमेश केवट जैसे ही नाव कुछ दूरी तक आगे बढ़ाई अचानक उसका संतुलन बिगड़ गया और इससे पहले की केवट समेत सभी सवार कुछ समझ पाते नाव पलट गई।
नाव पलटने के बाद रामघाट पर चीख - पुकार मच गई। मौके पर तैनात पुलिस जवानों और स्थानीय लोगों ने तुरंत पानी में छलांग लगाई और बचाव कार्य शुरू किया। यूपी पुलिस के सिपाही शिवम मिश्रा, रविंद्र राठौर, जंग बहादुर और लल्लू बिन्द ने बिना देर किए नदी में कूदकर श्रद्धालुओं को बचाना शुरु कर दिया। इस दौरान मौके पर मौजूद नाविकों और तैराकी जानने वाले लोगों की सहायता से एक - एक कर सभी श्रद्धालुओं को पानी से सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि, नाव पलटते ही घाट पर चीख-पुकार मच गई थी। बचाए गए श्रद्धालुओं में से एक महिला की पहचान नई दिल्ली के चितरंजन पार्क निवासी सुनीता प्रेहान, पत्नी नरेंद्र प्रेहान के रूप में हुई है। जानकारी ये भी है कि, हादसे का शिकार अन्य सभी श्रद्धालु भी सुनीता के ही परिवार के सदस्य हैं। फिलहाल, रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा कर सभी को सुरक्षित बचा लिया गया है।
इस घटना के बाद रामघाट पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि, आरती के समय भारी भीड़ होती है। ऐसे में नावों की संख्या और सुरक्षा मानकों की नियमित जांच होना बेहद जरूरी है।