आजाक जिला संयोजक हत्याकांड: अब तक कोई ठोस सबूत नहीं मिला, मंडल संयोजक संघ का प्रदर्शन, पुलिस ने खंगाला दफ्तर
सतना। आजाक जिला संयोजक अभिषेक सिंह की हत्या के मामले में अब मध्यप्रदेश मंडल संयोजक संघ ने भी प्रदर्शन शुरू कर दिया है। दूसरी ओर वारदात के दस दिन बाद भी ठोस सबूत नहीं जुटा पाने वाली पुलिस ने शुक्रवार को अभिषेक के दफ्तर की कुछ फाइल खंगालते हुए यहां के कर्मचारियों से पूछताछ की है। हालांकि पुलिस अभी भी अंधेरे में ही तीर चला रही है। सायबर सेल की मदद से कुछ तथ्य सामने आ रहे हैं, लेकिन उनकी पुष्टि में भी तेजी नहीं है।
यही वजह है कि इस अपराध का खुलासा नहीं होने पर प्रदेशभर में प्रदर्शन शुरू हो चुका है। इसके पहले सामान्य, पिछड़ा एवं अल्पसंख्यक अधिकारी-कर्मचारी संघ (सपाक्स) कह चुका है कि वह अब तक की पुलिस जांच से संतुष्ट नहीं है। इसी तरह आदिमजाति, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग राजपत्रित अधिकारी संघ ने हत्यारों के न पकड़े जाने पर विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दी है।
चेतावनी दी गई है कि हत्यारों की गिरफ्तारी नहीं होने पर एक सप्ताह तक कार्यालय में काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन के बाद एक दिन का सामूहिक अवकाश लेकर कलमबंद हड़ताल शुरू कर दी जाएगी। इस संबंध में शासन स्तर पर भी पत्राचार किया जा चुका है।
कलेक्ट्रेट में शोक सभा
जिला संयुक्त कलेक्ट्रेट में शुक्रवार को शोकसभा हुई। इस दौरान कलेक्टर मुकेश शुक्ल के साथ सभी विभागों के अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे। सभी ने दो मिनट का मौन रखते हुए आजाक जिला संयोजक रहे अभिषेक सिंह की मृत आत्मा को शांति मिलने की कामना की।
थाने का घेराव करेगी एनएसयूआइ
जिले में बिगड़ी कानून व्यवस्था और अभिषेक हत्याकांड में पुलिस की भूमिका पर सवाल खड़े करते हुए एनएसयूआइ अब विरोध में खड़ी हो गई है। जिलाध्यक्ष स्वतंत्र मिश्रा ने बताया कि शनिवार को एनएसयूआइ जयस्तंभ चौक से पन्नीलाल चौक तक शांतिपूर्वक कैंडल मार्च निकाल कर अभिषेक सिंह को श्रद्धांजलि देगी। व्यवस्था का मौन विरोध किया जाएगा। अगर तीन दिन के अंदर हत्या के आरोपी नहीं पकड़े जाते तो थाने का घेराव कर उग्र आंदोलन किया जाएगा।
सीबीआइ से कराई जाए हत्या की जांच
युवा राजपूताना संगठन ने आदिम जाति कल्याण के जिला संयोजक अभिषेक सिंह की हत्या की जांच सीअीआइ से कराने की मांग की है। संगठन ने इस आशय का एक एसडीएम को सौंपा है। ज्ञापन में कहा गया कि आजाक जिला संयोजक अभिषेक सिंह बघेल की निर्मम हत्या उनके आवास पर कर दी गई थी पर एक सप्ताह से ज्यादा समय बीतने के बाद भी हत्याकांड की गुत्थी नहीं सुलझी और हत्यारे गिरफ्तार नहीं किए जा सके। संगठन ने कहा कि हत्याकांड की निष्पक्ष जांच के लिए सीबीआइ को मामला सौंपना चाहिए क्योंकि मृतक के परिजन व आमजन में आक्रोश का वातावरण निर्मित हो रहा है। ज्ञापन सौंपने वालों में भूप सिंह, हिमांशु सिंह बघेल, अभिषेक सिंह मंडू, सचिन सिंह, अभिय सिंह, लकी सिंह बघेल, शुभम सिंह बघेल, आकाश सिंह, विनय परिहार, शिब्बू सिंह आदि रहे।