सतना

कलेक्टर ने चित्रकूट में दीपावली मेला क्षेत्र का लिया जायजा, बोले- तय ड्यूटी पर नहीं मिले तो होगा निलंबन

एमपी-यूपी के अधिकारियों की ली संयुक्त बैठक

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Oct 29, 2018
Chitrakoot Deepawali amavasya mela in hindi

सतना। पौराणिक एवं ऐतिहासिक तीर्थस्थल चित्रकूट में सालाना होने वाले परंपरागत तीन दिवसीय दीपावली मेले को लेकर नवागत कलेक्टर राहुल जैन ने संपूर्ण मेला परिक्षेत्र का भ्रमण किया। इसके पश्चात एमपी-यूपी के अधिकारियों की संयुक्त बैठक लेकर जिम्मेदारी और जवाबदेही तय की गई। इस दौरान परिक्रमा पथ सहित अन्य स्थलों में बाधारहित मार्ग बनाए रखने के निर्देश दिए। मेला व्यवस्था को सुचारू संचालित करने के लिये उसे आठ जोन में बांटा गया है। इस बार व्यवस्थाओं के तहत पूरा फोकस आने वाले श्रद्धालुओं को मूल भूत सुविधाएं और सुरक्षा उपलब्ध कराने पर रहा।

कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जिस स्थल पर अधिकारियों कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है वहां मौजूद मिलना चाहिए। अन्यथा उसे निलंबित कर दिया जाएगा। संपूर्ण मेला क्षेत्र के प्रभारी मेला अधिकारी जिपं सीईओ साकेत मालवीय को बनाया गया है और उन्हें अपर दण्डाधिकारी के अधिकार दिए गए हैं। बैठक में पुलिस अधीक्षक संतोष सिंह गौर, जिपं सीईओ साकेत मालवीय, यूपी चित्रकूट के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बलवंत चौधरी मौजूद रहे।

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ऐसे हुई बैठक की शुरुआत
संपूर्ण मेला क्षेत्र की स्थितियों का जायजा लेने के बाद कलेक्टर जैन ने लोनिवि रेस्ट हाउस चित्रकूट में एमपी-यूपी के अधिकारियों की बैठक ली। कलेक्टर ने कहा कि इस बार का दीपावली मेला आचार संहिता के दौरान होने जा रहा है लिहाजा इसका सख्ती से पालन कराना भी चुनौतीपूर्ण जिम्मेदारी है। मेले के दौरान आने वाले लाखों दर्शनार्थियों की सुविधा व सुरक्षा के म²ेनजर भरतघाट और रामघाट को जोडऩे वाले पुल पर रेलिंग लगवाने ईई लोनिवि को कहा गया। सीएमओ चित्रकूट को कहा गया कि श्रद्धालुओं के आने-जाने के मार्ग बाधा रहित होना चाहिए और यह व्यवस्था हो कि बाटल नेक एरिया में भीड़ का जमाव न हो। परिक्रमा स्थल पर अस्थाई दुकानें ना लगे और उनकी सीमा तय करने चूने की लाइन खींच दी जाए। यदि कोई दुकान आवागमन में बाधक है तो उन्हें हटाया जाए। कलेक्टर ने कहा कि जितने भी जिम्मेदार और नोडल अधिकारी होंगे मसलन विद्युत, चिकित्सा, पेयजल आदि के उनके पास किसी भी अव्यवस्था और आवश्यकता की सूचना पहले पहुंचे यह व्यवस्था वे सख्ती से करें। सूचना नीचे से ऊपर आए, नाकि वे इस बात का इंतजार करें कि वरिष्ठ अधिकारी सूचित करें तो उन्हें पता चलेगा।

साबुन-शैम्पू प्रतिबंधित
चित्रकूट मेंले में घाटों सहित मंदाकिनी नदी में साबुन शैम्पू के प्रयोग पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने के साथ ही इसकी सूचना सहज दृश्य स्थलों पर लिखाने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा नाव में सोफा न लगाने, नाव में ओवर लोड न होने सहित अन्य आवश्यक इंतजाम करने के निर्देश दिए गए और इसकी नोटिस बोर्ड तय स्थलों पर लगवाने कहा गया।

दो कंट्रोल रूम
दो कंट्रोल रूम बनाए जाएंगे जहां से संपूर्ण मेला क्षेत्र की व्यवस्थाओं का जायजा लिया जाएगा। खोए हुए लोगों और वस्तुओं की सूचना के लिये खोया पाया सेंटर होगा। संपूर्ण मेला क्षेत्र में घोषणा के लिए हार्न स्पीकर के साथ नियोजित व्यवस्था की जाएगी। वहीं तय स्थलों पर वाच टॉवर बनाने और कुछ ऐसे स्थल भी तय करने कहा गया जहां छतों से व्यवस्था की निगरानी की जाएगी।

हर व्यवस्था की मानीटरिंग के लिए अधिकारी
कलेक्टर ने कहा कि देखने सुनने में आता है कि यहां से जिम्मेदारी तय कर दी जाती है लेकिन लोग तय स्थलों पर नहीं मिलते या नहीं जाते। इसलिये इस बार ड्यूटी चार्ट दिनांक, स्थल और समयवार बनाया जाएगा। और इन ड्यूटी स्थलों पर तैनात लोगों की मानीटरिंग के लिये पृथक से अधिकारी नियुक्त होंगे। यदि इनके द्वारा लापरवाही सामने लाई जाती है तो संबंधित को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया।

पहली बार मेला का मास्टर प्लान
अब तक तय पारंपरिक और चली आ रही व्यवस्थाओं के तहत ही मेला आयोजन की व्यवस्था होती रही है। लेकिन इस बार कलेक्टर ने पहली बार मेला का मास्टर प्लान तैयार करने कहा है। इस मास्टर प्लान के आधार पर ही व्यवस्थाएं तय की जाएंगी। साथ ही इस बार सामने आई समस्याओं और खामियों को इसमें इंगित किया जा सकेगा जो भविष्य में प्लानिंग के लिये आधार बनेगा। पूरी मेला व्यवस्था का वैकल्पिक इमरजेंसी प्लान भी तैयार करने कहा गया है। यह जिम्मेदारी जिपं सीईओ साकेत मालवीय को दी गई है।

यातायात व्यवस्था पर जोर
मेला के दौरान आवागमन में किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो इसके लिये आवश्यक इंतजाम का जिम्मा आरटीओ को दिया गया। मेले के लिए आने वाली बसों में ओवर लोडिंग न हो, बिना परमिट बसें न चलें और उनकी फिटनेस सही हो, किसी भी स्थिति में बसों की छतों में सवारी न बैठें। चित्रकूट में अस्थाई बस स्टैण्डों की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। मंदिर परिसर सहित अन्य सभी क्षेत्रों में दर्शनार्थियों के आने-जाने का प्रवाह सतत बना रहे कहीं भी जाम और भीड़ इकट्ठा होने वाली स्थिति नहीं बननी चाहिए। मंदिर परिसर में प्रकाश की समुचित व्यवस्था करने कहा गया। अलावा मेला क्षेत्र में पेयजल की समुचित व्यवस्था, शौचालय-मूत्रालय सहित साफ सफाई की सुदृढ़ व्यवस्था के निर्देश दिए गए। मेला के दौरान खाद्य सामग्री की सतत जांच के लिये भी कहा गया। सतत विद्युत व्यवस्था के निर्देश के साथ ही मझगवां वन क्षेत्र से गुजरने वाली लाइन की मरम्मत और समानान्तर व्यवस्था रहे।

आचार संहिता का सख्ती से पालन
कलेक्टर कहा, आदर्श आचरण संहिता का उल्लंघन न होने पाए। अधिकारी-कर्मचारी स्वयं इसका पालन करें और करवाएं। किसी भी दशा में किसी धार्मिक स्थल को चुनाव प्रचार का मंच ना बनने दिया जाए। वाहनों पर प्रचार के झण्डे-बैनर ना लगाए जाएं। पूजा पाठ के दौरान भी चुनावी प्रचार या संदेश का प्रसारण नहीं होना चाहिए। कलेक्टर ने राजनीतिक दलों और व्यक्तियों से भी अपेक्षा की है कि वे इस संबंध में गंभीरता से ध्यान देंगे। इस दौरान एसडीएम मझगवां ओम नारायण सिंह, अनुविभागीय दंडाधिकारी कर्वी चित्रकूट इन्दुप्रकाश सिंह समेत सतना संबंधित विभागों के प्रमुख मौजूद रहे।

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Published on:
29 Oct 2018 10:21 am
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