
सतना। सभापुर थाना क्षेत्र के रिमारी में हुए तिहरे हत्याकांड के आरोपियों की तलाश में दबिश जारी है। गुरुवार को गांव से शहर तक धरपकड़ में पुलिस की कई टीमें जुटी रहीं। करीब आधा दर्जन व्यक्तियों को पुलिस अब तक हिरासत में ले चुकी है। लेकिन अधिकृत गिरफ्तारी नहीं की गई।
मामले में बेगुनाहों और उम्रदराज व्यक्तियों को गिरफ्तारी से बचाने की मांग विप्र संगठनों ने पुलिस अधीक्षक राजेश हिंगणकर से की है।
गुरुवार को एक यह बात सामने आई कि एफआईआर में दर्ज नाम भाईलाल तिवारी की तलाश में रिमारी पहुंची पुलिस ने उसकी 80 साल की मां को हिरासत में लेने की कोशिश की।
पुलिस का रवैया कुछ यह था कि बुजुर्ग महिला को ठीक से कपड़े भी नहीं पहनने दिए गए। हालांकि गांव वालों के विरोध के बाद पुलिस वहां से लौट गई।
हर मोहल्ले से एक व्यक्ति
तिहरे हत्याकांड में एक यह बात भी सामने आई है कि रिमारी के हर मोहल्ले से एक व्यक्ति का नाम एफआईआर में दर्ज कर आरोपी बना दिया गया। इनमें ज्यादातर वह लोग हैं जो क्षेत्र में राजनीतिक तौर पर प्रभाव रखते हैं। आरोपियों में एक शालिग राम मिश्रा की कई साल पहले मृत्यु हो चुकी है। ईश्वरदीन मिश्रा नाम का व्यक्ति गांव में है ही नहीं। ईश्वरदीन विश्वकर्मा नाम का व्यक्ति जरूर रिमारी में रहता है।
तस्दीक के बाद गिरफ्तारी
पुलिस ने यह बात स्पष्ट की है कि तस्दीक करने के बाद ही किसी व्यक्ति की गिरफ्तारी की जाएगी। अगर एफआईआर में गलत नाम या एेसे व्यक्ति का नाम आया है, जो घटना के वक्त घटना स्थल पर नहीं था तो उसकी जांच और साक्षियों के बयान लेकर कार्रवाई करेंगे। ताकि कोई निर्दोश व्यक्ति पर प्रभाव न पड़े।
ब्राह्मण संगठन एसपी से मिला
अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा के साथ जिले के विप्र संगठन गुरुवार को पुलिस अधीक्षक राजेश हिंगणकर से मिलने पहुंचे। एसपी को ज्ञापन देते हुए मांग की गई कि बेगुनाह एवं उम्रदराज व्यक्तियों को पुलिस रिहा करे। महिलाओं पर जबरन गिरफ्तारी का दबाव न बनाया जाए।
आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की जाए
प्रत्यक्षदर्शियों के बयान लेकर घटना की हकीकत को जाना जाए। मानेन्द्र मिश्रा की हत्या के आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की जाए। ज्ञापन देने वालों में धर्मेश चतुर्वेदी, कृष्णपाल चतुर्वेदी, हरि कुमार पाण्डेय, संजय पाण्डेय, देवेन्द्र त्रिपाठी, अरुण द्विवेदी, रजनीश द्विवेदी, योगेश समेत अन्य मौजूद रहे।