2 सितंबर 2026,

बुधवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

14 जनवरी होगी अर्की, 15 को तीर्थ स्थलों पर श्रद्धालु करेंगे स्नानदान

मकर संक्रांति 14 और 15 जनवरी को मनाया जाएगा
2 min read
Google source verification
makar-sankranti-will-be-celebrated-on-january-14-and-15

makar-sankranti-will-be-celebrated-on-january-14-and-15

सतना. स्नानदान का पर्व मकर संक्रांति 14 और 15 जनवरी को मनाया जाएगा। दरअसल, सूर्य का मकर राशि में प्रवेश 14 जनवरी की रात्रि में होगा, इसलिए इसका विशेष पुण्यकाल 15 जनवरी को सूर्योदय से शुरू हो जाएगा, जो शाम तक रहेगा। इस दिन तीर्थ स्थलों पर श्रद्धालु जाकर स्नान, दान पुण्य करेंगे और सूर्यदेव की आराधना करेंगे। पंचांगों के अनुसार इस बार मकर संक्रांति रात्रि में आठ बजकर २० मिनट को अर्की होगी। इसी समय सूर्य का मकर राशि में प्रवेश होगा।


विशेष शुभकारी
पं. रामबहोर तिवारी ने बताया कि संक्रांति रविवार को अर्की हो रही है, रविवार होने से इस बार धोरा नाम की मकर संक्रांति होगी, जो उत्तर से दक्षिण की ओर गमन कर रही है और त्रिकोण में विशेष दृष्टि है। इस लिहाज से अल्पसंख्यक वर्ग, पिछड़े और गरीब वर्ग के लिए यह विशेष शुभकारी होगी। गुरु , शिक्षकों के लिए यह कुछ कष्टकारी हो सकती है। इसके स्वरूप के चलते सोना, चांदी, वाहन, इलेक्ट्रॉनिक आइटम, दवाइयां, शेयर बाजार में तेजी रहेगी, इसी प्रकार तरल पदार्थ में भारी उतार-चढ़ाव के योग बनेंगे।

होगी समृद्धिदायक
पं. मोहनलाल द्विवेदी ने बताया कि संक्रांति अर्की होने को लेकर पंचांगों के समय में मतभेद है। कुछ पंचांगों में मकर संक्रांति 14 जनवरी की रात्रि में अर्की हो रही है, जबकि कुछ पंचांगों में १४ जनवरी को दोपहर बाद ही अर्की होना बताया गया है। एेसे में संक्रांति का पुण्यकाल 14 और 15 जनवरी को दोनों ही दिन रहेगा। स्वरूप के कारण इस बार संक्रांति गरीब वर्ग के लिए समृद्धिकारक रहेगी, खासकर निर्धन वर्ग के लिए सरकार कई योजनाएं बनाएंगी। इसी तरह अनाज और वस्त्रों के दामों में वृद्धि रहेगी।

आठ घंटे विशेष पुण्यकाल
पं. तिवारी ने बताया कि मकर संक्रांति 14 जनवरी की रात्रि में आएगी। इसी तरह इसका विशेष पुण्यकाल १५ जनवरी को सूर्योदय से लेकर आठ घंटे तक रहेगा। इस दिन तीर्थ स्थलों पर पवित्र स्नान, दान पुण्य करने से विशेष लाभ की प्राप्ति होती है और आयुष्य और आरोग्य में बढ़ोतरी होती है। इस दिन तिल का दान करना चाहिए।