महकमे को नहीं खबर: पुष्टि मेडिकल कॉलेज जबलपुर के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में एलाइजा जांच के बाद हुई।
सतना। डेंगू ने जिले में दस्तक दे दी है। नागौद के उमरा गांव में पहला डेंगू पॉजिटिव मरीज सामने आया है। इसकी पुष्टि मेडिकल कॉलेज जबलपुर के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में एलाइजा जांच के बाद हुई। जानकारी विभाग के माध्यम से सीएमएचओ, जिला मलेरिया अधिकारी सहित अन्य को भेजी गई है। बताया गया, नागौद के उमरा गांव निवासी दीपेंद्र सिंह (36) को बीते 15 दिन से भी अधिक समय से एक-एक दिन के अंतराल में बुखार आ रही थी।
परिजनों ने पहले निजी क्लीनिक में उपचार कराया। आराम नहीं मिला तो पीडि़त को जबलपुर स्थित महाकौशल हॉस्पिटल में भर्ती कराया। वहां चिकित्सकों ने डेंगू की आशंका होने पर ब्लड सैम्पल एलाइजा जांच के लिए एनएसबी मेडिकल कॉलेज जबलपुर भेजा। पीडि़त को रिपोर्ट में डेंगू होने की पुष्टि हुई।
यहां भनक तक नहीं
जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. पीसी नोतवानी ने बताया कि उन्हें किसी भी पीडि़त के डेंगू पॉजिटिव होने की जानकारी नहीं है। जबकि मेडिकल कॉलेज से सीएमएचओ, जिला बीमारी नियंत्रण शाखा सहित जिला मलेरिया महकमे को जानकारी भेज दी गई है। डेंगू का मामला सामने आने पर महकमे द्वारा की गई बेक्टर जनित रोग नियंत्रण प्रक्रिया में भी सवाल खड़े होने लगे हैं। जब विभाग प्रमुख को ही पीडि़त की जानकारी नहीं तो मच्छर निरोधक कार्रवाई कैसे हो पाएगी।
एडीज फैलाता है डेंगू
डेंगू मलेरिया की तरह मच्छर के काटने से होता है। डेंगू का वायरस एडीज मच्छर के काटने से फैलता है। डेंगू का बुखार ज्यादा से ज्यादा दो हफ्ते तक रहता है। एेडीज मच्छर का संक्रमण काल जून के महीने से शुरू होता है। मानसून के महीने में प्रकोप दिखाना शुरू करता है। जिनकी प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है उनमें डेंगू रोग होने की संभावना ज्यादा होती है। एडीज मच्छर के काटने से जो वायरस फैलता है वह शरीर को तभी प्रभावित करता है जब शरीर उससे लडऩे में असक्षम होता है।
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