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BIG NEWS: इ-अस्पताल बनेगा डिस्ट्रिक हॉस्पिटल, अब एक क्लिक पर सामने होगा मरीजों का ब्योरा

ओपीडी सहित अन्य विभागों में दर्ज होगी ऑनलाइन जानकारी  

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satna hospital

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सतना. जिला अस्पताल को ई-अस्पताल बनाया जाएगा। अस्पताल में ओपीडी से लेकर वार्ड तक के सभी कार्य मैन्युअल की बजाय ऑनलाइन किए जाएंगे। मरीजों को दाखिल, डिस्चार्ज, दवा वितरण, पैथोलॉजी जांच सहित अन्य सभी विभागों की प्रक्रिया ऑनलाइन रहेगी। एक क्लिक के साथ मरीज का पूरा ब्यौरा सामने होगा। जिला अस्पताल ओपीडी में चिकित्सकों के कक्ष में कम्प्यूटर स्थापित किए जाएंगे। उसमें अस्पताल आने वाले मरीजों का पूरा ब्यौरा (बीमारी, दवा, जांच सहित अन्य) दर्ज होगा। चिकित्सक के एक क्लिक के साथ ही पीडि़त का पिछला पूरा रेकॉर्ड (केसशीट) सामने होगा। पीडि़त यदि अपनी पिछली ओपीडी पर्ची भूल भी जाता है तो इलाज में किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होगी। जुलाई के अंत तक यह व्यवस्था जिला अस्पताल में लागू हो जाएगी। चिकित्सक सहित स्टॉफ की उपस्थिति के लिए बायोमीट्रिक मशीन पहले ही स्थापित कर दी गई है।


विभागों में लगाए जाएंगे कम्प्यूटर
ओपीडी, ऑपरेशन थियेटर, दवा वितरण केंद्र, दवा स्टोर, नैदानिक केंद्र, जगदीश भवन, एआरटी, डायलिसिस, एक्स-रे, सोनोग्राफी में कम्प्यूटर स्थापित किए जाएंगे। सभी विभागों के पीसी इंटरनेट के जरिए आपस में जुड़े रहेंगे। ओपीडी आने वाले और वार्ड में दाखिल होने वाले मरीजों की जानकारी सीधे ऑनलाइन दर्ज की जाएगी। सीएमएचओ, सीएस सहित अन्य स्वास्थ्य अधिकारी अपने कक्ष में बैठकर देख सकेंगे कि मरीज को वार्ड, ओपीडी में क्या इलाज दिया गया।


दवा की उपलब्धता भी ऑनलाइन
अस्पताल में मरीजों द्वारा हर दिन दवा नहीं मिलने की शिकायत दर्ज कराई जाती है। लेकिन अब दवा की उपलब्धता की जानकारी भी ऑनलाइन होगी। दवा वितरण केंद्र और स्टोर में कौन सी दवा उपलब्ध है, कितना स्टॉक शेष है, यह पूरी जानकारी एक क्लिक पर चिकित्सा अधिकारियों के सामने उपलब्ध होगी।


सीएम कर सकते हैं शुभारंभ
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान 18 जुलाई को सतना आ रहे हैं। इस दौरान वे जिला अस्पताल के इ-हॉस्पिटल की सुविधा का शुभारंभ कर सकते हैं। इसको लेकर इ-हास्पिटल बनाने की तैयारी तेज कर दी गई है। एनआइसी द्वारा ओपीडी पर्ची काउंटर के स्टाफ को गुरुवार शाम प्रशिक्षित भी किया गया। अस्पताल प्रबंधन मुख्यमंत्री के कार्यक्रम की न तो पुष्टि कर रहा न ही इंकार।